हिमाचल के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक टेंडर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिमाचल सरकार के कुछ अफसरों ने 600 से 700 रुपये की कीमत की दो पगड़ियों को खरीदने के लिए टेंडर जारी कर दिया।
टेंडर को प्रकाशित करने के लिए बाकायदा हजारों रुपये भी खर्च कर दिए। सोशल मीडिया पर जब इस टेंडर की चर्चा शुरू हुई तो बजाय गलती मानकर कार्रवाई करने के जिम्मेदार अफसरों ने इस मामले को दबाने का प्रयास शुरू कर दिया।
दरअसल, हिमाचल में वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कार चालकों के पहनने के लिए दो पगड़ियां खरीदी जानी थीं। इसकी जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव अश्विनी कुमार शर्मा के पास थी।