उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालयों से स्कूलों को जारी हुए बजट और भवन निर्माण के स्टेटस की जानकारी तलब की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिन स्कूलों ने बजट जारी होने के बावजूद अभी तक निर्माण नहीं किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्कूल प्रभारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अफसरों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी।
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बजट स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के कार्यों में टालमटोल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।