फिलहाल, मंगलवार को नगर परिषद विश्राम गृह में हुई बैठक में मुख्य तौर पर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद मनोनीत पार्षद भरत साहनी ने बताया कि सभी नौ पार्षद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं।
बैठक में खुलकर सोलन के विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई है। नगर परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष विकास कार्यों के टेंडर लगाने और उन्हें शुरू करवा पाने में पूरी तरह से विफल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में नगर परिषद सोलन में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। इसके चलते भाजपा समर्थित नौ पार्षदों ने त्यागपत्र देने का फैसला किया है। त्यागपत्र मंडलाध्यक्ष को सौंप दिए हैं।
पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि सोलन नगर परिषद के नौ पार्षदों ने मंगलवार को बैठक की है। इसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से नाराज होकर पदों से त्यागपत्र देने का फैसला लिया है।
उन्होंने बताया कि आगामी समय में लोकसभा चुुनाव हैं और नगर परिषद में विकास कार्य ठप पड़ चुके हैं। ऐसे में किस मुंह से भाजपा शहरी मतदाताओं से वोट मांग पाएगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद में विकास की रफ्तार तभी तेज हो सकती है जब अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को पदमुक्त कर दिया जाए।