सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसानों व बागवानों की फसल को नुकसान होने पर 300 से 500 रुपये प्रति बीघा मुआवजा प्रदान किया जाता था, जिसे बढ़ाकर राज्य सरकार ने 2000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। वर्तमान राज्य सरकार ने गाय, भैंस तथा अन्य दुधारू पशुओं की जान जाने पर 55 हजार रुपये प्रति पशु की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो पहले 37,500 रुपये थी। भेड़, बकरी और सुअर की जान जाने पर मिलने वाली आर्थिक मदद को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है।
पहली बार मुआवजा राशि में इतनी अधिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है और हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मुआवजा राशि को पहली बार इतना अधिक बढ़ाया गया है। सरकार आपदा प्रभावितों के दुख-दर्द से भली-भांति परिचित है। सरकार सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर जैसे कार्यों में संलग्न करने के बजाय इस संकट के समय में प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए। बचाव कार्यों के दृष्टिगत पुलिस बल की ओर से प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रदेश सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मजबूती से कार्य कर रही है। यह निर्णय प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च अधिमान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।