फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: आपदा से घर को आंशिक क्षति पर अब एक लाख की मदद, सरकार ने मुआवजा राशि में की बढ़ोतरी

Mon, 17 Jul 2023 08:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

7 जुलाई से 15 जुलाई 2023 के दौरान आई बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित हुए परिवारों को विशेष राहत पैकेज के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावितों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत 7 जुलाई से 15 जुलाई 2023 के दौरान आई बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से प्रभावित हुए परिवारों को विशेष राहत पैकेज के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। सुक्खू ने कहा कि पहले राहत मैनुअल के तहत पक्के घर को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे मकान को आंशिक नुकसान होने पर 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी। अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है।

विज्ञापन


दुकानों और ढाबों को नुकसान होने पर पहले सिर्फ सामान की एवज में 10 हजार रुपये की मामूली आर्थिक सहायता मिलती थी, जिसे राज्य सरकार ने दस गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। इसके अलावा किरायेदार के सामान को नुकसान होने पर पहले 25 हजार रुपये की मदद दी जाती थी, जिसे दोगुना करके 50 हजार रुपये कर दिया गया है। कृषि और बागवानी योग्य भूमि में बाढ़ से सिल्ट आने पर पहले जहां लगभग 1400 रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाता था। इसे बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है। इसके साथ ही कृषि और बागवानी योग्य भूमि को क्षति होने पर पहले 3600 रुपये प्रति बीघा की आर्थिक सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति बीघा कर दिया गया है।
 

सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में किसानों व बागवानों की फसल को नुकसान होने पर 300 से 500 रुपये प्रति बीघा मुआवजा प्रदान किया जाता था, जिसे बढ़ाकर राज्य सरकार ने 2000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। वर्तमान राज्य सरकार ने गाय, भैंस तथा अन्य दुधारू पशुओं की जान जाने पर 55 हजार रुपये प्रति पशु की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो पहले 37,500 रुपये थी। भेड़, बकरी और सुअर की जान जाने पर मिलने वाली आर्थिक मदद को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है।

पहली बार मुआवजा राशि में इतनी अधिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रही है और हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मुआवजा राशि को पहली बार इतना अधिक बढ़ाया गया है। सरकार आपदा प्रभावितों के दुख-दर्द से भली-भांति परिचित है। सरकार सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।

‘गार्ड ऑफ ऑनर’ 15 सितंबर तक स्थगित
 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य में फील्ड दौरों के दौरान सामान्य तौर पर पुलिस की ओर से दिए जाने वाले ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ यानी सलामी को 15 सितंबर 2023 तक स्थगित कर दिया है। हालांकि, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन आदेशों में छूट रहेगी। यह निर्णय प्रदेश में हाल ही में आई आपदा से वृहद स्तर पर जारी राहत व बचाव कार्यों के दृष्टिगत लिया गया है।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर जैसे कार्यों में संलग्न करने के बजाय इस संकट के समय में प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए। बचाव कार्यों के दृष्टिगत पुलिस बल की ओर से प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रदेश सरकार इस आपदा से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मजबूती से कार्य कर रही है। यह निर्णय प्रदेश के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च अधिमान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें