व्यस्क सदस्यों ने मनरेगा के तहत 100 दिन का काम किया हो। जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं और वे स्थायी रूप से अक्षम हो गए हैं, वे भी इस सूची में आएंगे। पक्का मकान और आयकर देने वाले सदस्य इससे बाहर होंगे यह सालाना सीमा 36 हजार रुपये थी। अब यह 50 हजार रुपये होगी। एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले और जिनका कोई भी सदस्य सरकारी, अर्द्धसरकारी या निजी नौकरी में है, वे बीपीएल सूची से हटा दिए जाएंगे।
प्रत्येक परिवार के मुखिया से सादे कागज पर शपथ एवं घोषणापत्र लिया जाएगा कि उसके परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। उसका परिवार आयकर नहीं देता है और उसके परिवार की समस्त स्रोतों से अर्जित वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है। उसके परिवार के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि नहीं है। उसके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी या अर्द्धसरकारी या निजी नौकरी में नहीं है। यदि बीपीएल परिवार का कोई सदस्य ग्राम पंचायत में अपना नाम अलग परिवार के रूप में है दर्ज कराने के लिए आवेदन करता तो उस स्थिति में ऐसे नए परिवार को अगले 3 वर्षों तक बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।