प्रदेश के 93 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पिछले कई वर्षों से विज्ञान विषय में न तो विद्यार्थी एड्मिशन ले रहे थे और न ही इन स्कूलों में स्वीकृत पद होने के बावजूद लेक्चरर नियुक्त किए गए थे। शिक्षा विभाग ने इन नॉन फंक्शनल पदों को बदल कर अब पीजीटी (इन्फॉरमेशन प्रैक्टिसिस) में कनवर्ट कर दिया है।
दो महीने पूर्व प्रदेश सरकार ने कमीशन के माध्यम से पीजीटी आईपी की अनुबंध के आधार पर करीब 600 से अधिक पद भरे थे। बताया जा रहा ही विभाग के पास कुछ आईपी शिक्षकों को वेतन देने के लिए प्राप्त राशि न होने के कारण यह फैसला लिया गया है।
इन स्कूलों में बिलासपुर के छह, चंबा के तीन, कांगड़ा के 20, कुल्लू के पांच, मंडी के 17, सोलन के सात, शिमला के 22, सिरमौर के चार और ऊना के नौ स्कूल शामिल हैं। चंबा के जसूरघर स्कूल ऑपशनल विषय के शिक्षक के पद के अलावा सभी स्कूलों से फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो विषयों के शिक्षकों के नॉन फंक्शनल पद शामिल हैं।
सभी स्कूलों से उक्त विषयों के एक एक पदों को ही बदला गया है। उच्चतर शिक्षा निदेशक शशी भूषण सेखरी ने बताया कि उन्हीं पदों को कनवर्ट किया गया जहां पर विषयों से संबंधित विद्यार्थी नहीं थे और शिक्षकों के पद भी खाली चल रहे थे।