राज्य के स्कूलों में सेवाएं दे रहे स्कूल प्रवक्ताओं और पीजीटी अध्यापकों के खराब परिणाम पर उन पर गाज गिरेगी। खराब परिणाम पर मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के सख्त रवैये के चलते उच्च शिक्षा विभाग ने इस पर कार्य शुरू कर दिया है।
इस फेहरिस्त में राज्य भर के स्कूलों से शून्य से 20 फीसदी परिणाम देने वाले स्कूल प्रवक्ताओं और पीजीटी अध्यापकों की सूचना मांगी गई है। शिक्षा विभाग को इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ऐसे स्कूल प्रवक्ताओं और पीजीटी अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हर मंच से खराब परिणाम वाले स्कूलों और संबंधित अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणाएं कर रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व में शिक्षा विभाग ने खराब परिणाम देने वाले स्कूलों की सूची विभिन्न जिलों के उच्च शिक्षा उपनिदेशकों के माध्यम से मांगी गई थी।
इसके बाद अब विभाग ने विषयवार संबंधित विषय के स्कूल प्रवक्ताओं के नाम और उनकी जन्मतिथि की सूचना भी उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजने के आदेश जारी किए हैं। इसमें मार्च-2016 के परिणामों के आधार पर सूचना स्कूलों को शिक्षा विभाग को भेजनी होगी।
उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा कमल किशोर गुप्ता ने बताया कि विभाग से मिले आदेशों के अनुसार उन्होंने जिला भर के स्कूल मुखियाओं को आदेश जारी कर दिए हैं। दो दिन के अंदर शून्य से 20 फीसदी परिणाम देने वाले स्कूल प्रवक्ताओं और पीजीटी अध्यापकों की सूचना स्कूलों को विभाग को भेजनी होगी। निर्धारित अवधि में सूचना न भेजने वाले स्कूल मुखियाओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।