हिमाचल प्रदेश के मरीजों के लिए अच्छी सूचना है। सरकार ने सोमवार को सूबे के रिजनल, जोनल, सिविल अस्पतालों में 48 स्पेशलिस्ट डाक्टरों की तैनाती के लिए आदेश जारी किए हैं। स्त्री और हृदय रोग विशेषज्ञ छोड़कर तकरीबन हर क्षेत्र के डाक्टरों की नियुक्ति की गई है।
इसमें सबसे अधिक एनस्थीसिया और सर्जरी के पांच-पांच डाक्टर तैनात किए गए हैं। मेडिसन और बच्चों के चार-चार डाक्टर, हड्डी और ईएनटी के तीन-तीन डाक्टर अस्पतालों में भेजे गए हैं।
लंबे समय से प्रदेश में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी खल रही थी। बड़ी संख्या पर डाक्टर प्रदेश को छोड़कर जा चुके थे, जिसके कारण डाक्टरों का अकाल पड़ गया था। हिमाचल सरकार से छुट्टी लेकर 50 डाक्टर पीजीआई चंडीगढ़ में एमडी की पढ़ाई के लिए गए थे, जोकि अपनी पढ़ाई पूरी करके वापस आ चुके हैं।
उनमें से 48 डाक्टरों की तैनाती के आदेश सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। डाक्टरों को तत्काल प्रभाव से अस्पतालों में ज्वाइन करने को कहा गया है। तीन डाक्टर को आईजीएमसी, 17 डाक्टरों को रिजनल अस्पताल, पांच को जोनल और शेष डाक्टरों को सिविल अस्पताल में तैनाती दी गई है।
स्त्री रोग स्पेशलिस्ट पर खामोशी
हिमाचल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टरों की सख्त जरूरत है, लेकिन प्रदेश में इनकी संख्या काफी कम है। इस कारण प्रदेश के महिला मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार की ओर से इस कमी को दूर करने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।