संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ के दो महीनों से चल रहे संघर्ष के आगे आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा। शुक्रवार को पटवारियों की लंबित मांगो को लेकर सचिवालय में प्रदेश सरकार और पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के बीच बैठक हुई।
इसमें सरकार ने महासंघ की सारे मांगे मान ली है। अब पटवारियों की मांगों का प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा। सरकार के आश्वासन के बाद पटवारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। आज से पटवारी 544 बंद पड़े पटवार सर्कलों में सेवाएं देनी शुरू कर देंगे।
पटवारियों को राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने 6 वृत्तों पर एक कानूनगो को तैनात करने का फैसला लिया है। पहले एक कानूनगो के पास 12 से 15 सर्कलों का काम सौंपा गया है, जिससे पटवारियों को डिमार्केशन देने में दिक्कतें पेश आ रही है।
सरकार ने मानी सभी मांगें
इसकी तरह लोगों को जमीन संबंधित इतिलाह देने के लिए पटवारियों के पास चौकीदार नहीं थी, पटवारियों को खुद मौके पर जाकर लोगों को इसकी सूचना देनी पड़ती थी, सरकार ने सर्कलों में आउट सोर्स के तहत चौकीदार की तैनाती करने का फैसला लिया है।
सरकार ने 5 जुलाई, 2014 को जारी की गई नए स्टाफिंग नार्म्स को भी वापस लेने की बात कही है। कानूनगो से नायब तहसीलदार की पदोन्नति कोटा बढ़ाने का भी सरकार ने आश्वासन दिया है।
बैठक में इन मांगों पर भी हुई चर्चा
- बिजली को बिलों का भुगतान होगा
- सर्कलों में स्टेशनरी को उपलब्ध होगी स्टेशनरी
- पटवार सर्कलों में भरे जाएंगे रिक्त पद
- उप मंडलीय अभिलेख कक्षों, उपमंडलों, तहसीलों में आवश्यक पदों का सृजन
- पेडिंग मेडिकल बिलों का भुगतान
- 300 पटवारियों के पद पर 154 कानूनगो के पद सृजित करना
- पदोन्नति कोटे में भी पटवारियों को राहत
544 सर्कलों में सेवाएं शुरू
प्रदेश सरकार ने 544 पटवारियों को सर्कलों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था, लेकिन पटवारी इन वृतों पर सेवाएं नहीं दे रहे थे। ऐसे में इन सर्कलों के तहत आने वाली जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। सरकार की ओर मांगे मानी जाने पर शनिवार से ही पटवारी 544 सर्कलों में सेवाएं देनी शुरू कर देंगे।