इनको साठ हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है जबकि उनके बराबर का काम युवा तकनीकी कर्मचारी 15 हजार प्रति माह में कर रहे हैं। इन पुन: रोजगार प्राप्त अधिकारियों की छुट्टी की जा रही है।
ठाकुर ने कहा कि एचपीएमसी की मुंबई में 11 हजार वर्ग मीटर जमीन है और यहां पर कोल्ड स्टोर भी है। इसके अलावा कोलकाता में भी इतनी ही जमीन है। कमेटी सरकार को रिपोर्ट देगी और उसके बाद सरकार अंतिम फै सला लेगी कि इन भूखंडों का क्या करना है।
मुंबई की जमीन का लैंड यूज 14 करोड़ देकर बदला गया है और अब एचपीएमसी इसका व्यावसायिक उपयोग कर पाएगी। उन्होंने कहा कि परवाणू संयंत्र में लक्ष्य अनुसार उत्पादन नहीं किया है।
इस प्लांट में काफी देर से उत्पादन शुरू हुआ। इस पर सरकार ने चिंता जताई है और अब जिस कंपनी के पास यह संयंत्र दिया है, उसके प्रबंधन से जवाब तलबी की जाएगी। इसके लिए जो लोग दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।