सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत 4000 से अधिक एसएमसी शिक्षकों को राहत देते हुए एक साल की एक्सटेंशन दी है। साल 2017-18 के लिए सरकार ने शिक्षकों का कार्यकाल बढ़ाया है। एसएमसी सरकारी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा को पढ़ाते हैं।
एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाने पर भी विभाग ने काम शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों से एसएमसी शिक्षकों का रिकॉर्ड मांगना शुरू कर दिया है।
एसएमसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल पितान का कहना है कि शिमला के पीटरहॉफ में हुए एसएमसी पीरियड बेसिक एसोसिएशन के एक दिवसीय सेमीनार में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह तोहफा राज्य के स्कूलों में कार्य कर रहे चार हजार एसएमसी शिक्षकों दिया को था।
संघ का मानना है कि एक वर्ष सेवाकाल बढ़ाने के साथ ही सरकार स्थायी नीति की योजना को भी अंतिम रूप दे। अध्यक्ष अनिल पितान ने कहा शिक्षकों की ज्वाइनिंग को लेकर मुख्यमंत्री ने क्लॉज नंबर नौ हटाने के आदेश भी दिए हैं। इन आदेशों के तहत एसएमसी शिक्षकों की जगह पर पक्की नियुक्ति वाले शिक्षकों को नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने इस बाबत जल्द अधिसूचना जारी करने की मांग की है।