पाटिल ने कहा कि एक मंत्री के बोलने से सरकार और संगठन में तालमेल नहीं होने की बात नहीं की जा सकती है। निगम भंडारी का नाम संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत आने के बाद ही उन्हें किन्नौर से जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर इसमें कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे शिमला में रुक गए थे कि दोनों को समझाएं पर मंत्री परसों भी नहीं आए। कोशिश कर रहे हैं कि दोनों को समझाया जाए। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि नीरज भारती वाले मामले को कुलदीप राठौर वाली कमेटी में भेज दिया था। भारती के मामले में भी संज्ञान लिया जाएगा।
दूसरी ओर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वह सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र में थे। यह कार्यक्रम पहले से तय था। सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम था। उन्हें कांग्रेस के जनरल हाउस के आयोजन से दो-तीन दिन पहले ही सचिव का फोन आया था कि वह इसमें पहुंचें। सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में व्यस्तता के चलते इसमें पहुंचना संभव नहीं था। उन्हें प्रभारी की ओर से कोई सूचना नहीं मिली और न ही बुलाया गया।
प्रदेश प्रभारी ने वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की रैली के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि राहुल गांधी एजेंडा खुद तैयार करते हैं। सीएम चाहते हैं कि सितंबर में राहुल आएं और एक बड़ी रैली को संबोधित करें।