हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने दो माह के कार्यकाल में अभी तक एक भी चुनावी गारंटी को लागू नहीं कर पाई है। चुनाव के वक्त प्रियंका गांधी ने भी सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में ओल्ड पेंशन योजना बहाल करने और एक लाख रोजगार देने पर काम शुरू करने का दावा किया था। अब सरकार जनता की उम्मीदों के विपरीत स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रही है। पांचवीं गारंटी से तो बागवानी मंत्री मुकर गए थे। विरोध होने पर उन्होंने यूटर्न ले लिया था। भाजपा सरकार के समय खुले कार्यालयों और संस्थानों को बंद करने का सरकार को पूरे प्रदेश में विरोध झेलना पड़ा है। जो सरकारी सेवाएं लोगों को पहले उनके घर-द्वार मिल रही थी, उन्हीं सेवाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को अब कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। कुछ कार्यालयों के बंद होने का मामला तो हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी पहुंच गया है। बरमाणा और दाड़लाघाट में सीमेंट कंपनियां बंद होने से हजारों परिवार प्रभावित हो गए हैं। सरकार बनते ही सीमेंट का विवाद सरकार से जुड़ गया है। अब सरकार को दरकिनार कर ट्रक आपरेटरों ने खुद ही अदाणी कंपनी से बात करने का फैसला लिया है।
1. दावा : पुरानी पेंशन योजना होगी बहाल सिर्फ 10 दिनों में होगा ये कमाल
हकीकत: कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले यह गारंटी अभी तक लागू नहीं हुई है। सरकार बनने के एक माह दो दिन बाद 13 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन देने का फैसला लिया गया, लेकिन अभी तक इस संदर्भ में अधिसूचना जारी नहीं हुई है। पेंशन मिलने के फॉर्मूले का 1.36 लाख कर्मचारी इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने सोलन से पार्टी का चुनाव प्रचार शुरू करते हुए सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर पुरानी पेंशन बहाल करने का एलान किया था। सुक्खू सरकार इस गारंटी को पूरा करने के लिए अभी तक नियम और शर्तें भी तय नहीं कर सकी है। उधर, एनपीएस कर्मचारी संघ भी इस देरी के कारण अभी तक आभार रैली की तारीख तय नहीं कर पा रहे हैं।
2. दावा : 5 लाख रोजगार पाएगा, पेंशन गारंटी रखेगी बुजुर्गों का ध्यान
हकीकत: इस गारंटी को पूरा करने के लिए 13 जनवरी को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एक कैबिनेट सब कमेटी गठित की गई थी। कमेटी से एक माह में रिपोर्ट मांगी गई है। इस कमेटी की ओर से अभी तक कोई भी बैठक नहीं की गई है। कितने विभागों में किस-किस श्रेणी के कितने पद रिक्त हैं। कितने पद बैचवाइज, पदोन्नति या सीधी भर्ती से भरे जाने हैं। इसको लेकर भी विभागों से कोई आंकड़ा एकत्र नहीं किया गया है।
3. दावा: महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सुनिश्चित आय:
हकीकत: इस योजना पर सुक्खू सरकार ने काम शुरू कर दिया है। करीब 10 लाख महिलाओं को जून 2023 से प्रतिमाह 1500 रुपये देने के लिए पात्र माना है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधानसभा के बजट सत्र में इसकी घोषणा करने की तैयारी है। वित्तीय भार अधिक पड़ने के चलते सरकार चरणबद्ध तरीके से भी इस योजना को लागू कर सकती है। पहले चरण में करीब दो लाख बीपीएल परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा सकते हैं।
4. दावा : महंगाई की परेशानी कम होगी, 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी
हकीकत: सरकार बनने के दो माह बाद भी हिमाचल में महंगाई की परेशानी कम नहीं हुई है। डीजल पर तीन रुपये का वैट बढ़ाकर सुक्खू सरकार ने जनता को और आर्थिक बोझ के तले दबा दिया है। प्रतिमाह 300 यूनिट निशुल्क बिजली मिलने की संभावना अभी नहीं है। इस योजना को लेकर अभी विचार ही चल रहा है। पूर्व की भाजपा सरकार के समय शुरू हुई 125 यूनिट निशुल्क योजना ही अभी लागू है। इसमें भी बिल सर्किल को घटाकर सरकार ने 90 यूनिट तक बिजली के बिल भी देना शुरू कर दिए हैं।
5. दावा : प्रदेश के बागवान तय करेंगे फलों की कीमत :
हकीकत: इस गारंटी को लेकर कांग्रेस सरकार घिर गई है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बीते दिनों इस बाबत कहा कि फलों की कीमत बागवान तय नहीं कर सकते। इसको लेकर बवाल मचने पर मंत्री ने सफाई दी है कि बागवानों से फलों के दाम पूछे जाएंगे। आढ़तियों से इसको लेकर चर्चा करने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। ऐसे में यह तय है कि विधानसभा चुनावों के दौरान बागवानों को रिझाने के लिए दी गई यह गारंटी अक्षरक्ष: लागू नहीं हो सकेगी।
6. दावा: 680 करोड़ रुपये का स्टार्ट-अप फंड, शून्य फीसदी ब्याज पर लोन
हकीकत: इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कोई भी कार्य नहीं हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए वित्त वर्ष में ही इस फंड का प्रावधान हो सकेगा।
7. दावा : हर बच्चे को उत्कृष्ट शिक्षा, हर विस में 4 अंग्रेजी माध्यम स्कूल
हकीकत: इस योजना को लागू करने को लेकर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। इसकी जगह हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल बनाने की योजना पर काम चल रहा है। सभी उपमंडल अधिकारियों को डे बोर्डिंग स्कूल खोलने के लिए भूमि तलाशने को कहा गया है। हालांकि, इस योजना के डिजाइन तैयार के लिए शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। प्रदेश के वास्तुकारों ने बाहरी राज्यों के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर में नई-नई शर्तें जोड़ने का आरोप लगाया है। शिक्षा मंत्री से भी मामले की शिकायत की गई है।
8. दावा : अस्पताल वाली गाड़ी हर गांव, जांच-दवा व इलाज होगा मुफ्त
हकीकत: इस योजना को लेकर भी कोई काम शुरू नहीं हुआ है। भाजपा सरकार के समय मिल रहे निशुल्क टेस्ट ही अभी प्रदेश में निशुल्क हैं। कांग्रेस सरकार ने नए टेस्ट इसमें शामिल नहीं किए हैं। अस्पताल वाली गाड़ी हर गांव तक पहुंचने को लेकर भी कोई पहल नहीं हुई है।
9. दावा : गाय-भैंस पालकों से हर दिन 10 लीटर दूध खरीदेंगे
हकीकत: पशुपालन विभाग इस बारे में अभी योजना ही बनाने में लगी है। अन्य राज्यों के मॉडल स्टडी किए जा रहे हैं। पूर्व मुख्य सचिव और प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह इस योजना के लिए विशेष तौर पर नियुक्त किए गए हैं।
10. दावा : दो रुपये किलो में गोबर खरीदेंगे, जैविक खेती में अव्वल बनाएंगे
हकीकत: इस योजना को लेकर अभी विभागीय स्तर पर कोई भी सुगबुगाहट नहीं है।