हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर कड़ा निशाना साधा है।
ऊना के अंबोटा में बुधवार को हुई चुनावी रैली के दौरान वीरभद्र सिंह ने यहां तक कह डाला कि धूमल जंगल में बना हुआ संविधान पढ़ते होंगे। हमला बोलते हुए वीरभद्र ने कहा कि धूमल का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
उन्होंने आगे कहा कि धूमल बयान दे रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद हिमाचल में सरकार गिर जाएगी। उन्होंने पूछा कि केंद्र में यूपीए की सरकार के होते हुए क्या किसी भाजपा शासित राज्य में सरकार गिरी।
वीरभद्र ने कहा कि धूमल को संविधान का सही ज्ञान ही नहीं है। धूमल दो बार सीएम रहे। उन पर इस समय जो दबाव है वह उनके द्वारा ही पैदा की हुई परिस्थितियों का नतीजा है।
राणा के लिए पसीना बहा रहे मुख्यमंत्री
वीरभद्र सिंह अंबोटा में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राजेंद्र राणा के पक्ष में आयोजित जनसभा में बोल रहे थे।
उन्होंने ऊना जिला के मैड़ी, सोहारी, चुरड़ू और चौकी में भी जनसभाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर पार्टी कहती है कि केंद्र में हमारी सरकार बनेगी।
भाजपा कहती है कि मोदी सरकार बनेगी। भाजपा का मोदीकरण हो गया है। भाजपाई यह नहीं कहते कि सरकार भाजपा की बनेगी।
आडवाणी, सुषमा स्वराज, डा मुरली मनोहर जोशी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को भाजपा में दरकिनार कर दिया गया है। मोदी को ऐसे पेश किया जा रहा है कि जैसे वह देश की तमाम इच्छाओं को पूरा करेंगे।
जिस दिन मोदी सरकार बनी, सुर्यदेव नहीं रहेंगे
वीरभद्र ने कहा कि जिस दिन देश में मोदी की सरकार बनेगी तो उस दिन सूर्य देव भी नहीं रहेंगे।
सूर्य देव की जगह भी मोदी ही चमकेंगे। मोदी तानाशाही पूर्ण भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यही उनके दरबारियों की भी भाषा है।
आगे कहा कि धर्म के नाम पर बंटवारा करने वाले लोग इस देश को पसंद नहीं हैं। क्षेत्र के आधार पर बांटने वाले लोग कमजोर होते हैं। धूमल भी प्रदेश में क्षेत्रवाद की राजनीति करते रहे।
धूमल ने दो बार सीएम रहते हुए मेरे ऊपर भी मामले दर्ज कराए। मैंने सेशन ट्रायल फेस किया और न्यायालय ने मुझे निर्दोष करार देते हुए बरी किया।
भाजपा शालीनता भूल गई है। भाजपा को समझ लेना चाहिए कि अनाप शनाप बयानबाजी करके चुनाव नहीं जीते जाते। कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस की देन है। महिलाओं के अधिकारों में इजाफा करके भी कांग्रेस ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।