मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान
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मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारी हितैषी है। सरकार ने अपनी गारंटी को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाल की और 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को उनका हक दिया। पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में एक बार भी कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पर गौर नहीं किया, बल्कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया। पुरानी पेंशन बहाल होने से पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों 3,700 रुपये मिल रहे थे, वहीं अब उन्हें 37,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वह किसी के बहकावे में न आएं। बातचीत के जरिये सरकार के समक्ष मांगें रखकर मामला सुलझाएं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर की जवाबदेही को लेकर मीडिया के सामने और विधानसभा में श्वेतपत्र लाकर भी बताया जा चुका है। 75 हजार करोड़ का बोझ अलग है, लोन अलग हैं। इसके अलावा पिछली सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़कर गई है। मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिस तरह का रुख अपनाया, इस पर उन्हें बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन मांग के साथ सरकार के खिलाफ आरोप-प्रत्योराप लगाकर आलोचना करना भी गलत है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले रहे हैं। बिजली बोर्ड, एचआरटीसी, अन्य बोर्ड व निगम जो घाटे में चल रहे हैं, उन्हें किस तरह घाटे से उबारा जाए। इस बारे में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। कर्मचारियों ने जिस तरह का रवैया अपनाया, उसकी सरकार को कभी उम्मीद नहीं थी। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार को हर वर्ग के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कर्मचारी हित में बहुत सारे फैसले लिए हैं।