कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के लिए संसदीय क्षेत्रों का संतुलन बनेगा लेकिन जिला स्तर पर मंत्री बनने के लिए विधायकों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। शिमला संसदीय क्षेत्र से तीन विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। इसमें शिमला ग्रामीण से विक्रमादित्य सिंह, सोलन से धनीराम शांडिल और सिरमौर से हर्ष वर्धन चौहान को मंत्री की शपथ दिलाई जा सकती है। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से पहले ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री हैं। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से चंद्र कुमार को मंत्री की शपथ दिलाई जा सकती है। इस संसदीय क्षेत्र के जिला चंबा से कांग्रेस हाईकमान ने पहले ही कुलदीप सिंह पठानिया को विधानसभा अध्यक्ष बना दिया है। मंडी संसदीय क्षेत्र से जगत सिंह नेगी को मंत्री बनाया जा सकता है। रविवार सुबह दस बजे राज्यपाल राजभवन में शपथ दिलाई जा रही है।
हिमाचल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने के लिए सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार को पहले चरण के मंत्रिमंडल विस्तार के लिए अच्छी खासी कसरत करनी पड़ी है। शिमला संसदीय क्षेत्र व बागवान बाहुल्य जिला शिमला से शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह या जुब्बल कोटखाई से रोहित ठाकुर को मंत्री बनने में तरजीह देनी पड़ रही है। चूंकि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए बागवानों के हितों की रक्षा की बात करती रही है। शिमला संसदीय क्षेत्र के सोलन विधानसभा सीट से जीतकर आए धनीराम शांडिल अनुसूचित जाति और भूतपूर्व सैनिकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में शांडिल को मंत्री बनाकर इन दोनों वर्गों को साधा जा सकता है। इसी संसदीय क्षेत्र जिला सिरमौर से कांग्रेस को पांच में से तीन सीटें मिली हैं। ऐसे में छह बार चुनाव जीते हर्षवर्धन चौहान को तवज्जो दी जा सकती है और वह सिरमौर का प्रतिनिधित्व करेंगे। मंडी संसदीय क्षेत्र से जनजातीय क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने के लिए जगत सिंह नेगी को मंत्री बनाया जा सकता है।
कांगड़ा और शिमला संसदीय क्षेत्रों से 17 सीटें
कांगड़ा और शिमला संसदीय क्षेत्रों ने 40 में से 17 यानी 43 फीसदी सीटें दी हैं। कांगड़ा जिले में पंद्रह में से दस सीटें मिली हैं। यहां से चंद्र कुमार, सुधीर शर्मा, रघुवीर बाली, संजय रतन, आशीष बुटेल मंत्री बनने की दावेदारी में हैं। चंद्र कुमार और सुधीर शर्मा वीरभद्र सरकारों में भी मंत्री रहे हैं। रघुवीर बाली के पिता पूर्व मंत्री जीएस बाली वीरभद्र सरकार में मंत्री रहे हैं और आशीष बुटेल के पिता विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल के बेटे हैं।