हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के आयोजन को लेकर खूब नाटकीय घटनाक्रम हुआ। शनिवार देर रात तक संभावित मंत्रियों की सूची से नाम जुड़ते और हटते रहे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की चयन प्रक्रिया की तरह मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कांग्रेस की राजनीति गरमाई रही। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के शनिवार शाम को दिल्ली से लौटते ही मंत्री पद के कई दावेदार विधायकों ने सचिवालय में हाजिरी लगाना शुरू कर दिया। राज्य अतिथिगृह पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री को छोड़ने भी कई विधायक पहुंचे। आठ दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव के नतीजे जारी हुए थे। 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऐतिहासिक रिज मैदान पर शपथ ली थी। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुए शपथ समारोह के दौरान जल्द ही कैबिनेट विस्तार की बात कही गई थी। बीते दिनों कई बार मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगी।
हालांकि, कुछ भी फाइनल नहीं हुआ। प्रदेश के इतिहास में पहली बार बिना मंत्रियों के विधानसभा का शीत सत्र भी आयोजित हो गया। सत्र के बीच ही मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए। दो दिनों तक मुख्यमंत्री ने दिल्ली में मंत्रियों के चयन को लेकर वरिष्ठ नेताओं से मंथन किया। इस दौरान प्रदेश में मौजूद कांग्रेस विधायकों की धुकधुकी बढ़ी रही। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री के शिमला लौटते ही रविवार को शपथ समारोह की संभावना बढ़ गई। रविवार दोपहर को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को कुछ दिनों के लिए प्रदेश से बाहर जाना है। रविवार को मुख्यमंत्री भी मुंबई जाएंगे। ऐसे में शनिवार रात तक शपथ के आयोजन को लेकर चर्चाएं गरमगाई रहीं। रात करीब 9.00 बजे राजभवन की ओर से शपथ का एलान किया गया। रविवार को संभावित शपथ की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायकों ने भी आनन फानन में शनिवार दोपहर को अपने-अपने हलको से शिमला की राह पकड़ी। हालांकि, देर रात तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कौन-कौन से विधायक रविवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे।
मंत्रियों के नाम जानने के लिए घनघनाते रहे फोन
हिमाचल सरकार के मंत्रिमंडल में कौन-कौन से कांग्रेस विधायक शामिल होंगे। इसको लेकर देर रात तक कांग्रेस नेताओं सहित अफसरशाही के एक-दूसरे को फोन होते रहे। सभी अपने-अपने नेताओं के मंत्री बनने को लेकर पहेलियां बुझाते रहे। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर खूब कयास लगते रहे। किसी के भी पास पुख्ता जानकारी नहीं होने पर सोशल मीडिया में रविवार सुबह तक का इंतजार करने के कमेंट होते रहे।
विरोध से बचने को कुछ मंत्री पद खाली रखने का खेला जा सकता है कार्ड
प्रदेश में एक साथ दस मंत्री बनाकर पार्टी के भीतर विरोध होने से बचने के लिए कुछ पदों को खाली रखने का कार्ड खेला जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार शनिवार को पूरा दिन सोशल मीडिया पर छाया रहा, तरह-तरह की लगती रहीं अटकलें। अपने-अपने विधायकों के मंत्री बनने के दावे करते रहे समर्थक, भाजपा नेताओं ने भी गड़ाए रखीं नजरें। दिल्ली पहुंचे कुछ कांग्रेस विधायक शिमला लौटे।
राजभवन ने व्हाट्सएप पर भेजे निमंत्रण पत्र
शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन में हुई देरी के चलते राजभवन सचिवालय ने शनिवार रात को व्हाट्सएप के माध्यम से ही निमंत्रण पत्र भेजे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से भी रात 9:00 बजे के बाद एसएमएस कर शपथ ग्रहण के लिए निमंत्रण पत्र भेजे गए। राजभवन में देर रात तक समारोह के आयोजन के लिए मुख्य हॉल में सफाई का काम चला। पर्यटन निगम के अधिकारियों को रविवार सुबह ब्रेकफास्ट का इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।