जिन उपभोक्ताओं के पास भवनों का एनओसी नहीं होता था, उन्हें घरेलू की जगह अस्थायी तौर (8.42 रुपये यूनिट) पर कनेक्शन मिलते थे। मार्च 2022 में सरकार ने स्थानीय निकायों की एनओसी के बिना भी घरेलू बिजली कनेक्शन देने का फैसला लिया। इस दौरान सब्सिडी के लिए कई अस्थायी कनेक्शन भी घरेलू बिजली में बदले गए। अब ऐसे उपभोक्ताओं से घरेलू दरों के उच्चतम स्लैब का बिल लेने का फैसला लिया गया है।
उधर, सरकार अब घरेलू उपभोक्ताओं को दो ही मीटरों पर सब्सिडी देगी। तीसरे कनेक्शन पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। अभी तक हर कनेक्शन पर प्रति माह 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिल रही है। प्रदेश में कई उपभोक्ताओं के नाम पर दो से ज्यादा मीटर हैं। ये परिवार कई कनेक्शन पर बिजली सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन ऐसे उपभोक्ताओं को तीसरे मीटर पर खपत के अनुसार बिना रियायत के बिल चुकाना होगा।
घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी पर संशय
नियामक आयोग की ओर से जारी बिजली की नई दरों में प्रदेश के करीब 22 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाले सब्सिडी का कोई उल्लेख नहीं है। आयोग ने 126 से 300 और 300 यूनिट से अधिक के दो स्लैब तय किए हैं। 126 से 300 यूनिट वाले स्लैब में सरकार 1.73 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देकर बिजली दरों को सस्ती करती है।
126 से 300 यूनिट के लिए अभी आयोग ने प्रति यूनिट 5.89 रुपये दाम तय किया है। इस पर सरकार की ओर से 1.73 रुपये की सब्सिडी देकर दरों को देकर राहत दी जाती रही है। प्रदेश में अभी तक कुल 29,344 उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ चुके हैं। इनमें 13,668 सरकारी कर्मचारी, 11,364 पेंशनर और 4,312 आम उपभोक्ता हैं।