कोरोना वायरस ने प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की पूर्व निर्धारित अवधि पर भी कैंची चलवा दी है। सोमवार को सदन में एक घंटे की कार्यवाही के बाद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगा। ऐसे में चालू बजट सत्र की बाकी रह गईं बैठकों को अगले प्रस्तावित सत्रों में समायोजित किया जाएगा।
विधानसभा में बजट सत्र की अभी 13 बैठकें ही आयोजित हुईं है। जबकि, कुल 21 बैठकें आयोजित होनी थीं। इससे पहले एक दिन की बैठक को सदस्यों से चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कम कर दिया था। ऐसे में अब सिर्फ सोमवार को बजट सत्र की 14वीं बैठक के बाद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगा। ऐसे में बजट सत्र की सात बैठकें शेष रह जाएंगी।
इन बैठकों में एक गैर सरकारी सदस्य दिवस के अलावा छह शासकीय व विधायी कार्यों के लिए निर्धारित हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है कि बजट सत्र की बाकी रह गईं सात बैठकों को मानसून और शीत सत्र की बैठकों में समायोजित किया जा सकता है। ऐसा हुआ तो प्रस्तावित दोनों ही सत्र तीन से चार दिन और लंबे खींच सकते हैं।
दरअसल, हर कैलेंडर ईयर में सदन की 35 बैठकें होना जरूरी होता है। बजट सत्र इस साल का पहला सत्र है, इसलिए विधानसभा सचिवालय और सरकार अब इस सत्र की बची बैठकों को आने वाले समय में होने वाले मानसून और शीत सत्र में शामिल कर लेगी। इस बीच, सोमवार को होने वाली सदन की कार्यवाही बैठक में प्रश्नकाल की बजाय सीधे विधायी कार्य शुरू होंगे।
इनमें दस्तावेजों को रखने के बाद कटौती प्रस्तावों को रखा समझा जाएगा। मुख्यमंत्री कोरोना वायरस पर अपना अपना वक्तव्य सदन पटल पर रख सकते हैं। इसके बाद सीधे नए वित्त वर्ष के बजट अनुमान को पास कराने की औपचारिकता पूरी की जाएगी। विपक्ष पहले ही सहयोग का आश्वासन दे चुका है, ऐसे में साफ है कि बिना मतदान या शोर शराबे के बजट को पास करा लिया जाएगा।
इसके बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार सोमवार को प्रश्नकाल नहीं होगा। प्रश्नकाल के प्रश्नों के उत्तर सदन पटल पर रख दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे। इसके बाद विधानसभा की समितियां अपने अपने प्रतिवेदन सदन पटल पर रखेंगी।
आम लोगों के प्रवेश पर रहेगी पाबंदी
विधानसभा की बैठक को लेकर पहले ही पूरे विधानसभा परिसर और सदन को सैनिटाइज कर लिया गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के अलावा सिर्फ अधिकारियों और पत्रकारों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा व प्रबंधन में लगे कर्मियों को भी सैनिटाइज कर मास्क के साथ तैनात किया जाएगा। सदन के अंदर भी लोगों सभी को मास्क पहने रहना होगा। बीमार व्यक्ति और आम लोगों को सोमवार को विधानसभा में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम भी तैनात रहेगी।