हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित जमा दो के वार्षिक नतीजों में लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पछाड़ दिया है। विज्ञान, कॉमर्स और आर्ट्स तीनों संकाय में लड़कियां एक बार फिर इक्कीस साबित हुई हैं।
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तीनों संकायों की मेरिट में स्थान बनाने वाले 55 परीक्षार्थियों में 38 लड़कियां हैं। सिर्फ 17 लड़के ही मेरिट में स्थान बना सके हैं। आर्ट्स में 14 परीक्षार्थियों में से एक लड़के, जबकि 13 लड़कियों ने मेरिट में जगह बनाई है।
कॉमर्स में 11 लड़कियाें ने मेरिट में जगह बनाई है। तीन लड़के ही इसमें जगह बना पाए हैं। विज्ञान संकाय की मेरिट में आए 27 अभ्यर्थियों में भी 14 स्थानों पर लड़कियों का दबदबा रहा है। आगे पढ़िए टॉपर्स के इंटरव्यू-
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इतने घंटे पढ़ाई कर टॉपर बने हैं ऋतिक और नेहा
कामरेड रामचन्द्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैहन के छात्र ऋतिक कंदौरिया निवासी कंदौर को रोजाना 14 घंटे की पढ़ाई ने जमा दो परीक्षा के साइंस स्ट्रीम में टॉपर बनाया है। अब उसका लक्ष्य वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना है। ऋतिक ने कुल 500 में से 492 अंक 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर यह गौरव हासिल किया। अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों, माता-पिता व नाना-नानी को दिया। ऋतिक के पिता रणवीर कंदौरिया राजकीय उच्च विद्यालय हडल में प्रधानाचार्य जबकि माता रावमापा रैहन में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं।
12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में मंडी जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रंग की छात्रा नेहा ने 476 अंक लेकर कला संकाय में प्रथम स्थान हासिल किया है। नेहा का सपना आईएएस ऑफिसर बनने का है। नेहा ठाकुर द्रंग विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तरयांबली के तरयांबली गांव की रहने वाली है। नेहा ने बताया कि उसके पिता हेम प्रभ प्राइवेट गाड़ी चलाते हैं। उसने बताया कि वह गरीब परिवार से संबंध रखती है। नेहा की मां मीना देवी गृहणी हैं। अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखते हुए वह आईएएस अधिकारी बनकर अपने माता पिता का सपना साकार करेगी।
इस बेटी ने फख्र से चौड़ा किया गरीब बाप का सीना
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा नाहन के एक पिता ने साकार कर दिया है। कमाई मात्र 10 हजार रुपये और सिर पर ढेर सारी जिम्मेदारियां। तीन-तीन बेटियों व एक बेटे की पढ़ाई के साथ घर में आर्थिक चुनौतियों से कैसे निपटा जाता है, यह सिर्फ बेटी का बाप ही बता सकता है।
लेकिन, मंगलवार को जमा दो की परीक्षा का परिणाम आया तो इस गरीब बाप का सीना फख्र से चौड़ा हो गया। बेटी के साथ स्कूल पहुंचे पिता शहजाद खान की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। बेटी अपनी सफलता की खुशी के आंसु रोक नहीं पाई तो पिता की आखों में बेटी के प्रति गर्व साफ झलक रहा था। नाहन के चीड़ावाली में रहने वाले शहजाद खान अपनी दो बड़ी बेटियों की जमा दो की पढ़ाई पूरी करवा चुके हैं।
नाजमीन व ताइबा दोनों बड़ी बेटियों को उन्होंने अभी कंप्यूटर कोर्स करवाया है। लेकिन, तीसरी बेटी बुशरा ने पिता को वह खुशी दे डाली जिसका वह जिंदगी भर इंतजार करता है। बुशरा ने जमा दो की परीक्षा में आर्टस संकाय में प्रदेशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। मात्र एक अंक से चूकी बुशरा ने 475 अंक हासिल किए। जबकि, टापर रही छात्र ने 476 अंक हासिल किए।
पिता शहजाद ने बताया कि जब भी रात के समय फैक्टरी से वापस घर लौटता था तो बुशरा पढ़ाई में लीन रहती थी। काफी मुश्किल के बाद उसे सुलाना पड़ता था। बिना ट्यूशन के बुशरा ने वह कर दिखाया जिसका पिता ने सपना देखा था। उधर, स्कूल की प्रिंसिपल बिंदुबाला बड़ालिया ने बुशरा का मनोबल बढ़ाते हुए इतना कहा कि उनके लिए वह प्रदेशभर में प्रथम रही है।
बोर्ड टॉपर्स फाल्गुनी और नंदनी का यह है लक्ष्य
कॉमर्स संकाय में पहला स्थान हासिल करने वाली फाल्गुनी अग्रवाल ने बताया कि उसकी पढ़ाई आवर्स फिक्स थे। वह रोजाना मात्र पांच घंटे पढ़ाई करती थी। कई बार ऐसा भी हुआ कि किसी कारणवश वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई तो अगले दिन स्टडी आवर्स बढ़ाकर उसे कवर कर लेती थी। कॅरिअर अकादमी स्कूल नाहन की फाल्गुनी ने 500 में से 484 अंक लेने का श्रेय बिजनेस स्टडी व अर्थशास्त्र की अध्यापिका आशु को दिया। वह बीकॉम आनर्स करेंगी। पढ़ाई के बाद वह अपने पापा बुद्धि वल्लभ अग्रवाल के हाईवेयर कारोबार को आगे बढ़ाएंगी।
कॉमर्स संकाय में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने वाली नंदनी बंसल बैंकिंग क्षेत्र में जाना चाहती हैं। 474 अंक हासिल करने वाली नंदनी ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया है। उन्होंने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी से बीकॉम ऑनर्स करेंगी। उन्होंने बताया कि रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई कर यह सफलता मिली है। उनके पिता पूर्व पार्षद अजय बंसल नाहन शहर में एक कारोबारी हैं।
अफसर बनना चाहते हैं ये तीन टॉपर्स
गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ठियोग की छात्रा सपना सोनी ने जमा दो आर्ट्स में प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। उन्होंने 500 में से 471 अंक प्राप्त किए हैं। सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। सपना सोनी के पिता जीत राम और माता शीला ने बताया उनकी बेटी शुरू से पढ़ाई में आगे थी।
डॉक्टर बनना चाहते हैं अमोल
किंग जार्ज रॉयल पब्लिक स्कूल के छात्र अमोल शर्मा ने विज्ञान संकाय में 97.40 फीसदी अंक लेकर बारहवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा में मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। अमोल शर्मा के पिता दिनेश चंद शर्मा एचआरटीसी में जूनियर असिसटेंट है। अमोल की मां तुलसी शर्मा भंगरोटू स्कूल में बतौर शिक्षक तैनात हैं। अमोल शर्मा का सपना डाक्टर बनने का है। वह दसवीं की बोर्ड की परीक्षा मेरिट में पहले भी तीसरे स्थान पर रहे हैं। अमोल शर्मा की उपलब्धि से स्कूल में खुशी का माहौल है। स्कूल के प्रधानाचार्य डा. केपी शर्मा ने अमोल के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
बीकॉम करना चाहती है प्रिया
डीएवी स्कूल ऊना की कामर्स कक्षा की छात्रा प्रिया सैणी ने कॉमर्स संकाय में प्रदेश स्तर पर मैरिट लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया है। जबकि प्रिया सैणी ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तरीय संयुक्त मैरिट लिस्ट में प्रदेश में दसवां स्थान हासिल किया है। छात्रा ने वार्षिक परीक्षाओं में 500 में से 479 अंक प्राप्त किए हैं। छात्रा की कुल अंक प्रतिशतता 95.80 प्रतिशत है। गांव अजनोली की रहने वाली प्रिया सैणी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने स्कूल स्टाफ व अपने अभिाभावकों को दिया है। प्रिया भविष्य में बीकॉम करना चाहती है।
गुरुकुल पब्लिक स्कूल हमीरपुर के छात्र निखिल कुमार ने बोर्ड की जमा दो की परीक्षा में प्रदेशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। निखिल ने 489 अंक प्राप्त कर 97.80 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। निखिल के पिता राजेंद्र सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता वीना देवी गृहणी हैं। निखिल का सपना इंजीनियर बनना है। अपनी सफलता का श्रेय निखिल ने अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलानाघाट की छात्रा दीक्षिता शर्मा ने कला संकाय में प्रदेश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। दीक्षिता ने 471 अंक लेकर 94.2 प्रतिशत अंकों से मेरिट में जगह बनाई। इस उपलब्धि के लिए माता करुणा शर्मा और पिता राजकुमार शर्मा, अध्यापकों को श्रेय दिया है। उन्होंने बताया कि वह भविष्य में आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। दीक्षिता के पिता राजकुमार, माता करुणा शर्मा भी इसी स्कूल में प्रवक्ता हैं।
मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहता है आशीष
किड बड्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल बिझड़ी के छात्र आशीष बैंस ने जमा दो की परीक्षा में प्रदेशभर में तीसरा स्थान झटका है। आशीष ने 487 अंक प्राप्त कर 97.40 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। आशीष के पिता राजकुमार आईटीबीपी राजस्थान में तैनात हैं, जबकि माता गृहणी है। आशीष मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहता है। अपनी सफलता का श्रेय आशीष ने अध्यापकों और अभिभावकों को दिया है।