बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि अगर अदाणी समूह ने एपीएमसी एक्ट की अवहेलना की तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। मंगलवार को विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के दौरान सदन में कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने 1,598.79 लाख रुपये की अनुदान राशि नाबार्ड के माध्यम से अदाणी समूह को प्रदान की है। इस संदर्भ में कोई एमओयू हस्ताक्षरित नहीं किया गया।
विधायक राठौर ने प्रश्नकाल में सेब सीजन के बीच में दाम तय होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय में सीए स्टोर खोलने के लिए सब्सिडी दी गई थी। वर्ष 2006 में अदाणी को प्रदेश में सीए स्टोर मिला। उस समय समूह ने विश्वास जताया था कि आढ़तियों के शोषण से प्रदेश के बागवानों को बचाया जाएगा।
यह भी कहा था कि राज्य में इससे दाम नियंत्रित होंगे, लेकिन अब इससे उल्टा हो रहा है। अब अदाणी समूह ने देश भर में तहलका मचाया हुआ है। प्रदेश की पांच हजार करोड़ की सेब आर्थिकी अदाणी समूह के हाथ में है। समूह बीच सीजन में सेब के रेट खोलता हैं। इससे बाजार में सेब के दाम एकाएक गिरते हैं। बागवानों से लूट होती है। शिमला से कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने अनुपूरक सवाल करते हुए कहा कि जब मिडल बेल्ट का सेब आना शुरू होता है, तब अदाणी समूह के रेट आते हैं। इन हालात में रेट गिर जाता है। सेब के रेट बिगड़ने के मामले में प्रदेश सरकार को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। रेट समय से तय होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो मामला केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाना चाहिए।