उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। विपक्ष गलत तस्वीर पेश कर रहा। प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत कार्य जारी हैं। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर सहित विधायक हंसराज और जनकराज ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत चंबा, कुल्लू-मनाली, कांगड़ा और लाहौल-स्पीति में हुए नुकसान का मामला उठाते हुए सरकार को घेरा। इस पर अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधायक स्थिति का जायजा लेने के लिए अपने क्षेत्रों में जा सकते हैं। किसी पर कोई रोक नहीं है। मामला शांत होते ही पौने बारह बजे प्रश्नकाल शुरू हुआ।
मानूसन सत्र के नौवें दिन वीरवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही चुराह से भाजपा विधायक हंसराज ने चंबा जिले में भारी बारिश से आपदा का मुद्दा उठाया। कहा कि चुराह, पांगी और अन्य इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। साच पास पर डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई है। कई सड़कें बंद हैं और हजारों लोग फंसे हुए हैं। राशन भी उपलब्ध नहीं हो रहा है। हमें चंबा तक पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए। विधायक ने मुख्यमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे हालात में उन्हें प्रदेश में ही रहना चाहिए था। भरमौर से भाजपा विधायक जनक राज ने कहा कि उनके क्षेत्र में 72 घंटों से संचार व्यवस्था ठप है। मणिमहेश यात्रा प्रभावित हुई है और लोग फंसे हुए हैं। सत्र स्थगित कर विधायकों को राहत कार्यों में शामिल होने की अनुमति दी जाए। चंबा के विधायकों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने के लिए हेलिकाप्टर की व्यवस्था की जाए। विपक्ष के आरोपों का जब उप मुख्यमंत्री जवाब देने लगे तो भाजपा विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष नहीं माना तो विस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस पर विपक्ष के सदस्यों ने खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और सदन से बाहर चले गए।
अध्यक्ष ने भी जताई चिंता, सर्वसम्मति से निर्णय का दिया सुझाव
पठानिया ने कहा कि चंबा और प्रदेश के अन्य जिलों में हालात चिंताजनक हैं। अगर विपक्ष और सरकार दोनों सहमति से सत्र स्थगित करने का निर्णय लें, तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने माना कि पिछले 72 घंटों में भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं।