लाहौल स्पीति : 1,616 वोटों से जीते थे रवि
वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लाहौल-स्पीति सीट 1,616 वोटों के अंतर से जीती थी। अब भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के पूर्व विधायक रवि ठाकुर चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने जिला परिषद लाहौल-स्पीति की अध्यक्ष अनुराधा राणा को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने महिला को टिकट देकर क्षेत्र की महिला मतदाताओं को साधने की योजना तैयार की है। टिकट कटने से नाराज होकर मारकंडा ने बतौर निर्दलीय चुनावी रण में उतर कर दोनों राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ने को ताल ठोक दी है। मारकंडा लाहौल-स्पीति से तीन बार विधायक रह चुके हैं। पहली बार हिमाचल विकास कांग्रेस के टिकट पर 1998 में मारकंडा विधायक बने थे। 2007 और 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। तीन बार विधानसभा की दहलीज लांघ चुके चुके पूर्व मंत्री मारकंडा का क्षेत्र में अपना अलग से भी वोट बैंक है। भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में भी सेंधमारी का मारकंडा प्लान बना चुके हैं। भाजपा को यहां अपने समर्थकों को एकजुट रखनेे लिए अब नई रणनीति पर काम करना होगा। कांग्रेस को भी अपना वोट बैंक साध कर रखने के साथ जीत की दहलीज तक पहुंचने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ेगा।
धर्मशाला : सुधीर की भाजपा में नई पारी
धर्मशाला सीट कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 3,289 मतों के अंतर से जीती थी। वीरभद्र सिंह सरकार में मंत्री रह चुके सुधीर शर्मा अब भाजपा के प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने नगर निगम के पूर्व मेयर देवेंद्र सिंह जग्गी पर दांव खेला है। 2022 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले राकेश चौधरी ने उपचुनाव में धर्मशाला से बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर नए समीकरण बनाए हैं। चौधरी के चुनाव लड़ने के चलते सुधीर शर्मा को भितरघात का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा के स्थानीय नेताओं को साथ लेकर चलना सुधीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। चौधरी धर्मशाला में ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। इस वर्ग के सहारे ही चौधरी अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र सिंह जग्गी को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का सबसे बड़ा सहारा है। प्रदेश सरकार पर बीते दिनों छाए सियासी सकंट के बादलों के लिए मुख्यमंत्री सीधे तौर पर सुधीर शर्मा को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। ऐसे में जग्गी की नैया पार लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं भी धर्मशाला में पूरी ताकत झोंकी हुई है। धर्मशाला में ओबीसी मतदाताओं की संख्या 35, अनुसूचित जनजाति की 23, सामान्य वर्ग की 22 और अनुसूचित जाति की 20 फीसदी संख्या है।
चार विस क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला
सुजानपुर, गगरेट, बड़सर और कुटलैहड़ में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। सुजानपुर में भाजपा के राजेंद्र राणा के सामने कांग्रेस ने कैप्टन रंजीत सिंह राणा को उतारा है। कैप्टन रंजीत ने 2022 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 399 मतों के अंतर से राजेंद्र राणा सीट जीते थे। अब दोबारा से राजेंद्र राणा और कैप्टन रंजीत सिंह राणा आमने-सामने हैं। गगरेट में भाजपा के चैतन्य शर्मा को कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश कालिया चुनौती दे रहे हैं। बड़सर में भाजपा के इंद्रदत्त लखनपाल के सामने कांग्रेस ने जिला परिषद सदस्य रहे सुभाष चंद को चुनाव मैदान में उतारा है। कुटलैहड़ में भाजपा के देवेंद्र भुट्टो का मुकाबला कांग्रेस के युवा नेता और 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके विवेक शर्मा से है।