हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने बताया कि राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र के सहयोग से सार्वजनिक निजी साझेदारी प्रणाली के तहत पर्यटन अधोसंरचना विकास का फैसला लिया है। हिमाचल शांतिप्रिय और बेहतर कानून व्यवस्था वाला राज्य है, इसलिए यहां पर्यटन क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार ने हिमाचल में साहसिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देकर सालाना 5 करोड़ सैलानियों के हिमाचल में स्वागत का लक्ष्य रखा है। एशियन विकास बैंक की मदद से हिमाचल में पर्यटन विकास के लिए 2500 करोड़ खर्च किए जाने हैं, इनमें से 1300 करोड़ स्वीकृत भी हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए एशियन विकास बैंक के अंतर्गत तैयार की जा रही परियोजनाओं के विकास, प्रबंधन एवं संचालन में निजी क्षेत्र की साझेदारी का लाभ लेना है। सम्मेलन में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने डिजाइन, संचालन साझेदारी और एडीबी परियोजना के तहत उप-परियोजनाओं में रुचि दिखाई है। निजी निवेशकों ने सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर उपलब्ध संपत्तियों में रुचि दिखाई है।
देश के अन्य स्थानों पर भी होंगे सम्मेलन
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में देश-विदेश के प्रतिष्ठित निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आने वाले दिनों में देश के अन्य स्थानों में भी इस तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मानसी सहाय ठाकुर एशियन विकास बैंक के मनीला और नई दिल्ली के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।