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इलाज के खर्च की चिंता में डूबे मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का सहारा

Mon, 08 Oct 2018 02:07 PM IST
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
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मंडी के चिंतराम बोनमेरो कैंसर के मरीज हैं। आईजीएमसी शिमला में इलाज के लिए पहुंचे चिंतराम इस बार इलाज के खर्च को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्हें आयुष्मान भारत योजना का सहारा मिला है। तीमारदारी के लिए पहुंचे उनके बेटे अरुण ने बताया कि डॉक्टर ने उनके इलाज का पैकेज बना दिया है। वहीं, करसोग के दुर्गादास को मोतियाबिंद है। ओपीडी में चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उनका उपचार पैकेज तैयार कर दिया है।

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पांच लाख तक के खर्च तक मुफ्त इलाज की गारंटी देने वाली आयुष्मान योजना के लांच होने बाद से प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में लाभार्थी पहुंचने लगे हैं। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में योजना का पहला लाभार्थी मरीज 29 सितंबर को आया था। पांच दिन में अब तक 63 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 22 मरीजों का इलाज भी शुरू हो गया है।

खास बात है कि इनमें से ज्यादातर कैंसर जैसे गंभीर रोग से ग्रस्त हैं, जिन्हें योजना का कवर मिलने से अब इलाज के खर्च की चिंता नहीं है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने बताया कि अस्पताल में शिमला, मंडी, कुल्लू, रामपुर समेत आसपास के इलाकों से मरीज योजना का लाभ लेने पहुंचे हैं। यह योजना अभी इंडोर पेशेंट के लिए है। सरकारी कर्मचारियों को छोड़ अन्य लोगों में से ज्यादातर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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कूड़ा उठाने वाले, मोची, मकान बनाने वाला, मजदूर, पेंटर, वेलडर, सुरक्षा कर्मी, घरेलू कार्य करने वाला व फेरीवाला समेत कई अन्य पेशे से जुड़े लोग योजना में कवर किए गए हैं। अस्पताल में डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि काउंटर पर आने वाले मरीजों की ट्रीटमेंट पर्ची पर मरीज की बीमारी व पैकेज को लेकर पूरी जानकारी देनी अनिवार्य कर दी गई है। डॉक्टरों को एमसीआई का रजिस्ट्र्रेशन नंबर देना भी अनिवार्य किया गया है।

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ऐसे कराएं अपना पंजीकरण

आईजीएमसी के ग्राउंड फ्लोर स्थित पर्ची काउंटर के साथ आरोग्य मित्र (आयुष्मान मित्र) के पास आधार कार्ड के साथ आएं। राशनकार्ड, आईआरडीपी व बीपीएल भी लाना होगा। काउंटर पर बैठे कर्मी आधार कार्ड का ब्यौरा कंप्यूटर पर डालेंगे जिससे मरीज का पूरा डाटा कंप्यूटर पर आनलाइन आ जाएगा।

इसके बाद काउंटर पर आयुष्मान कार्ड भी मरीज को मुहैया करवाया जाएगा। जिसके बाद इस कार्ड के जरिये पैकेज बनाकर मरीजों को उपचार के दौरान आने वाली दवाइयां व अन्य सामान मुफ्त मुहैया करवाया जाएगा।

योजना में उम्र की नहीं कोई सीमा, हेल्पलाइन नंबर 14,555 पर पाएं जानकारी
योजना का लाभ लेने के लिए न तो उम्र की कोई सीमा है और न ही परिवार के सदस्यों की सीमा है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग इस योजना के तहत बीमारी के दौरान पांच लाख रुपये तक का उपचार योजना से संबद्ध अस्पताल में मुफ्त में करवा सकते हैं। योजना में पांच लाख रुपये की सीमा पूरे परिवार के लिए है। हेल्प लाइन नंबर 14,555 पर भी जानकारी ली जा सकती है।

नेट न चलना है तकनीकी खामी
अस्पताल में योजना को लागू करने में तकनीकी खामी की चुनौती खड़ी हो गई है। काउंटर पर कई बार नेट नहीं चलता है जिसके चलते पंजीकरण करवाने आए मरीज नेट न चलने के कारण काउंटर पर खड़े रहते हैं। हालांकि कार्ड की डिटेल बनने में दस मिनट का समय लग रहा है, लेकिन सर्वर से डाटा दिल्ली भेजने के दौरान ज्यादा समय लग रहा है। पूरी प्रक्रिया में करीब चालीस मिनट लग रहे हैं।

24 घंटे चलेगा काउंटर
अस्पताल के चिकित्सा उप अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए काउंटर को 24 घंटे चलाया जाएगा। रात के समय भी सुविधा का लाभ मिलेगा। मरीजों को दवाएं लेने के लिए भी दर दर नहीं भटकना पड़ेगा।

टांडा मेडिकल कॉलेज में 83 मरीजों ने लिया लाभ
आयुष्मान भारत योजना के तहत डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा में अब तक 83 मरीजों का निशुल्क उपचार हो चुका है। 26 सितंबर से योजना के तहत लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 20 परिवार योजना के कार्ड के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं।
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