विश्व बैंक की 1134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट को सफलता से चलाने के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य है। वर्तमान समय में बागवानी विकास के प्रोजेक्ट को चलाने के लिए बागवानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए तकनीकी स्टाफ उपयुक्त संख्या में मौजूद नहीं है। इस कारण से सरकार जल शक्ति विभाग के तकनीकी स्टाफ की मदद से सिंचाई योजनाओं पर काम करने का फैसला लिया है।
वर्तमान में प्रदेश में 4751 करोड़ की सिंचाई परियोजना पर काम होना है। सिंचाई योजनाओं की मरम्मत का काम भी प्रमुखता से होना है। पुराने पेयजल योजनाओं की खस्ताहाल पाइप लाइन भी बदली जानी है। सिंचाई योजनाएं की पाइप लाइनों की हालत अच्छी नहीं है। पिछले कई साल से नई पाइपों की खरीद नहीं की गई। इन पाइपों को भी बदला जाना है।