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बरसात में फंगल इंफेक्शन से बचें इन बीमारियों के मरीज

Tue, 12 Jul 2016 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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डायबिटिक तथा कैंसर पेशेंट के लिए फंगल इंफेक्शन हानिकारक है। चिकित्सकों का कहना है कि जिन लोगों को शुगर, कैंसर, रीनल ट्रांसप्लांट और एचआईवी है उन मरीजों के शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता काफी कम होती है। आईजीएमसी स्किन विशेषज्ञ
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डॉक्टर जीके वर्मा ने बताया कि बरसात के मौसम में उष्ण और नमी होने के कारण व्यक्ति के शरीर में फंगल इंफेक्शन ज्यादा होता है। उन्होंने बताया कि होटलों में काम करने वाले कामगार और हाउस वाइफ ऐसे संक्रमणों की चपेट में ज्यादा आते हैं।

ओपीडी में भी रोजाना दस से पंद्रह मामले पहुंचते है। इंफेक्शन होने पर बच्चों के बाल गिरना शुरू हो जाते हैं। दूसरे के संपर्क में आने से यह बीमारी बढ़ती है। लोगों को घरों में  पालतू जानवरों को बिस्तर पर नहीं लाना चाहिए। इससे भी संक्रमण होता है। मिट्टी के संपर्क में आने से व्यक्ति की स्किन लाल हो जाती है।
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नमी के कारण चिकनाहट होना तथा या स्किन का खराब हो जाना फंगल इंफेक्शन कहलाता है। फंगल मृत केराटीन से फैलता है और शरीर के नम स्थानों में फैलता है। पैर की एड़ी, नाखून, बाजू के नीचे के स्थान मुख्य भाग रहता है। स्किन फंगल इंफेक्शन के दौरान सफेद तरह की पपड़ी जम जाती है जिससे व्यक्ति के शरीर में खुजली होनी शुरू हो जाती है।
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फंगल इंफेक्शन के प्रकार

एथलीट फुट- व्यक्ति के पैरों की अंगुलियों के बीच गर्मी और नमी रहने वाले हिस्से में एथलीट फुट नामक फंगल होता है। यह व्यक्ति के पैरों के बीच की अंगुलियों के बीच के हिस्सों में बढ़ता है। संक्रमण फैली त्वचा में खुजली और त्वचा परतदार हो जाती है। कभी- कभी सफेद दरारें तक फैल जाती हैं। चिकित्सकों की राय है कि व्यक्ति को इस दौरान टाइट शूज पहनने छोड़ देने चाहिए। इंफेक्शन ज्यादा न फैले इसके लिए मरीजों को पैरों में हल्की चप्पल पहनकर टहलना चाहिए।

नाखून का संक्रमण- नाखून में फंगल इंफेक्शन होने के बाद नाखून के रंग बदलने शुरू हो जाते हैं। इनका रंग तक नीला होना शुरू हो जाता है जबकि आसपास की कोशिका मोटी हो जाती है।
रिंगवर्म- इसमें व्यक्ति के शरीर में खुजली होती है। व्यक्ति के शरीर में छोटे छोटे दाने आते हैं और खुजली करने पर चमड़ी का रंग लाल हो जाता है।

एक्जिमा- दाद- खाज- खुजली ज्यादा कष्टकारी होती है। जहां यह रोग होता है वहां पर छोटे छोटे दाने हो जाते हैं। यह दो तरह के होते हैं। अगर यह सिर में हो जाए तो व्यक्ति के बाल तक झड़ने शुरू हो जाते हैं।
बचाव- आईजीएमसी अस्पताल के स्किन विभाग के डॉक्टर जीके वर्मा का कहना है कि फंगल इंफेक्शन होने पर त्वचा वाले स्थान को साफ रखना चाहिए। व्यक्ति को साफ जुराबें पहननी चाहिए। जबकि एंटी फंगल पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिए।

ओपीडी में लोगों की दिन भर उमड़ी रही भीड़
आईजीएमसी की स्किन ओपीडी में सोमवार को दोपहर दो बजे तक मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। ओपीडी में डॉक्टरों ने दोपहर दो बजे तक करीब 127 मरीजों का उपचार किया।
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