फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Truck Driver Strike: दूसरे दिन भी थमे 30 हजार ट्रकों के पहिये, पुलिस पहरे में निकाले तेल टैंकर

Tue, 02 Jan 2024 07:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/सोलन/बिलासपुर/कांगड़ा/चंबा

सार

हिमाचल में दूसरे दिन भी 30 हजार ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं। इससे पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है।  
विज्ञापन
पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए वाहनों की लगीं कतारें - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिट एंड रन मामलों को लेकर मोटर वाहन अधिनियम में किए गए संशोधन के विरोध में ट्रक ऑपरेटरों की लड़ाई जारी है। हिमाचल में दूसरे दिन करीब 30 हजार ट्रकों के पहिये थमे रहे। ट्रकों के न चलने से उद्योगों और तीनों सीमेंट कारखानों से आपूर्ति ठप रही। मंगलवार को भी नालागढ़ में 10,000, अल्ट्राटेक, अंबुजा और एसीसी के सीमेंट कारखानों में लगे 12,000 ट्रक खड़े रहे। वहीं, कालाअंब औद्योगिकी क्षेत्र में लगे 500 ट्रक भी नहीं चले। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में खड़े 500 ट्रकों के लिए उद्योगों से मांग आई, पर 12 ही भरे गए। कुल्लू जिले में करीब 900 ट्रक खड़े कर दिए गए हैं। तेल न होने से पंट्रोल पंप पर वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है।  बिलासपुर जिले भर के पेट्रोल पंपों पर मंगलवार सुबह से वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं, कुछ पेट्रोल पंपों पर तो तेल खत्म हो चुका है। पंप मालिकों ने पंप के बाहर रस्सी बांधकर इन्हें बंद कर दिया हैं। वहीं जिन पंपों पर अधिक भीड़ है वहां पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान भी तैनात किए गए हैं।

विज्ञापन



पिछले करीब तीन दिन से पेट्रोल पंप पर तेल की आपूर्ति नहीं हुई है। पेट्रोल पंपों पर करीब एक से दो दिन का पेट्रोल शेष बचा हुआ है। यदि प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहा तो दो दिनों बाद लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। निजी बस चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। इससे परिवहन निगम की बसों पर अधिक दबाव है। ग्रामीण क्षेत्रों से निजी बसों में सफर करने वाले लोगों सहित स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शाम के समय बच्चों के लिए अधिक समस्या होगी। जिले की सभी परिवहन सभाएं भी इसका विरोध कर रही हैं और सभी ने ट्रकों को खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन


पुलिस की निगरानी में हिमाचल लाया जा रहा पेटोल-डीजल : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होगी। प्रदेश सरकार पुलिस की निगरानी में डीजल-पेट्रोल की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ट्रक चालकों की हड़ताल के मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।

पेट्रोल-डीजल की किल्लत के चलते शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक रद्द
 राज्य सचिवालय में बुधवार को होने वाली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को पेट्रोल और डीजल की किल्लत के चलते रद्द कर दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से मंगलवार को इस बाबत सभी जिला उपनिदेशकों को ई मेल से सूचना दी गई। बुधवार को प्रस्तावित बैठक के एजेंडों से संबंधित जानकारी छह जनवरी तक निदेशालय में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल टैंकरों के हड़ताल पर जाने के चलते अधिकांश पंप बंद हो गए हैं। इस समस्या को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को होने वाली बैठक को रद्द करने का फैसला लिया है। 

सोलन में सिर्फ 200 रुपये का दिया जा रहा पेट्रोल 
सोलन के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लगी हैं। वाहन चालकों को 200 रुपये का पेट्रोल हो दिया जा रहा है। कई पेट्रोल पंप खाली हो गए हैं। शाम तक 70 फीसदी पंप खाली हो जाएंगे।

ऊना में सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूल दो दिन के लिए बंद
उधर, ऊना में सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूल दो दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। स्कूल संचालकों ने तेल संकट और अधिक सर्दी को इसका कारण बताया है।  धर्मशाला में पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन पहुंचे। सोमवार देर शाम पेट्रोल पंप पर तेल खत्म हो गया था। सुबह फिलिंग स्टेशन पर तेल लेकर पहुंची गाड़ी के बाद पेट्रोल-डीजल भरने का कार्य फिर से शुरू हुआ। प्रदेश भर में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। चंबा जिले में भी यही हाल रहा।

पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लाइनें, शहर में जाम
शिमला के पेट्रोल पंपों पर भी गाड़ियों की कतारें लग गईं। तेल भरने के लिए लोगों को एक घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। इससे शहर की सड़कों पर जाम की समस्या हो गई। वहीं, कई लोग बोतलों में भरकर पेट्रोल-डीजल ले गए। 

ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने किया बद्दी में चक्का जाम 

बद्दी में चक्का जाम - फोटो : संवाद
ट्रक ऑपरेटर यूनियन बद्दी ने हिट एंड रन मामलों को लेकर मोटर वाहन अधिनियम में किए गए संशोधन के  के विरोध में बद्दी-पिंजौर सड़क पर चक्का जाम किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ट्रक ऑपरेटरों ने मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान करीब आधे घंटे तक हाईवे जाम रखा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। बीबीएन में करीब 10 हजार ट्रक दो दिन से हड़ताल पर हैं।
विज्ञापन

सिरमौर में सड़कों पर विरोध तेज, जगह-जगह प्रदर्शन

पेट्रोल भरवाने के लिए घंटों तक इंतजार - फोटो : संवाद
मंगलवार को भी सिरमौर जिले में निजी बस ऑपरेटरों व चालकों ने जगह-जगह प्रदर्शन किए। नाहन में ड्राइवर व ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने दिल्ली गेट के समीप प्रदर्शन किया। इस दौरान वाहनों को रोका गया। यहां नारेबाजी भी की गई। इसके बाद चालक व आपरेटर रैली निकालते हुए शहर से तीन किलोमीटर दूर दोसड़का पहुंचे। यहां भी ट्रकों को रोका गया। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। जिला सिरमौर में निजी बस आपरेटर यूनियन की 169 बसें हैं, जो जिले के भीतर व बाहरी रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। नए कानून के खिलाफ चालकों ने अपनी बसें खड़ी कर दी हैं। इसके चलते दिनभर लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  जिले के कई रूट ऐसे हैं, जहां पर निजी बसों की सेवाएं ज्यादा हैं। निजी बसों की सेवाएं बंद होने से स्कूल, कालेज, आईटीआई के छात्रों के साथ कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई लोग सार्वजनिक परिवहन की कमी के चलते कामकाज के सिलसिले में बाहर नहीं जा पा रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें