शोभायात्रा में अधिकारियों व कर्मचारियों सहित 100 लोग ही भाग ले सकेंगे। शोभायात्रा के दौरान तमाम मंदिरों में जाकर मिंजर भेंट की जाएगी। शाम के वक्त चौगान में कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति रहेगी।
कोरोना महामारी के चलते करोड़ों के कारोबार वाला मिंजर मेला रस्मों तक ही सीमित रह गया है। रविवार से रस्मी तौर पर शुरू होने वाले मिंजर मेले को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था कर दी है। मेले के शुभारंभ पर शोभायात्रा के चलते मुख्य बाजार दस बजे से एक बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान आपातकालीन वाहनों की ही आवाजाही रहेगी। मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे।
विज्ञापन
सुबह 10 बजे नगर परिषद चंबा कार्यालय से शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। शोभायात्रा में अधिकारियों व कर्मचारियों सहित 100 लोग ही भाग ले सकेंगे। शोभायात्रा के दौरान तमाम मंदिरों में जाकर मिंजर भेंट की जाएगी। शाम के वक्त चौगान में कुंजड़ी मल्हार की प्रस्तुति रहेगी। शाम चार बजे के बाद चौगान नंबर एक में लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
गौरतलब है कि मिंजर मेले को लेकर हर साल आठ सांस्कृतिक संध्याएं होती थीं। साथ ही बाही राज्यों से व्यापारी पहुंचते थे। शुभारंभ राज्यपाल करते थे जबकि समापन पर मुख्यमंत्री आते थे। लेकिन पिछले दो सालों से कोरोना महामारी के चलते मेला रस्में निभाने तक ही सीमित रह पाया है। एसडीएम चंबा नवीन तनवर का कहना है कि मेले के रस्मी तौर पर शुभारंभ के लिए व्यवस्था बना दी गई है।