जनजातीय जिला किन्नौर शेष दुनिया से कट गया है। सीमांत क्षेत्र चोरा के सेक्टर-26 में 230 मीटर सड़क सौ मीटर नीचे धंस गई है। इससे हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
एनएच पांच एक माह से धीरे-धीरे धंस रहा था वहीं, अब बीते एक सप्ताह से हर रोज दो से तीन फुट एनएच धंस रहा था। एनएच प्राधिकरण भूस्खलन रोकने के लिए स्थायी बंदोबस्त करने में नाकाम साबित हो रहा है।
चोरा के सेक्टर 26 में करीब 230 मीटर राष्ट्रीय मार्ग बुरी तरह से भूस्खलन की चपेट में आ चुका है। यहां पर विभाग लोगों की समस्याओं को पूरी तरह से दूर करने में विफल साबित हो रहा है।
बुधवार को सुबह भी नौ से दस बजे तक एनएच बंद रहा और मार्ग पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। आर्मी, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने मार्ग को अस्थाई तौर पर यातायात के लिए बहाल किया। उसके कुछ घंटों बाद ही एनएच काफी धंस गया।
बिगड़ती जा रही है एनएच की हालात
सुंगरा पंचायत प्रधान बलवंत सिंह नेगी, पौंडा पंचायत प्रधान मिडिल नेगी, रघुदास नेगी, जिला परिषद सदस्य संजीव नेगी, राजेश नेगी, प्रवेश नेगी, दिनेश नेगी, अनु नेगी ने समय रहते एनएच धंसने के कारणों का पता लगाकर एनएच की दुर्दशा सुधारने की मांग की है।
एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने कहा कि 230 मीटर सड़क मार्ग 100 मीटर नीचे धंस चुका है। सड़क धंसने से यातायात ठप है। लोगों के पैदल चलने का रास्ता भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। - मोहन मेहता, एनएच प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता
एसडीएम भावानगर नीलम दुल्टा ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके का जायजा लिया और लोक निर्माण विभाग को वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।