दीदान ने बताया कि ऐतिहासिक शहर नाहन में हिंदू-मुस्लिम एकता व सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल पेश करते आ रहे हैं। इतिहास के पन्नों में इस दिन को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुहर्रम मुस्लिम कैलेंडर की 10 तारीख हजरत हुसैन की याद को ताजा करती है जो अत्याचारी शासक के खिलाफ नैतिकता व इंसाफ की लड़ाई लड़ते हुए अपने परिवार के 72 सदस्यों के साथ शहीद हो गए थे।
भगवान विष्णु मानव पर परोपकार का उपदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि जगन्नाथ मंदिर में दर्जनों लोगों ने देवताओं को पुष्प व फल व प्रसाद अर्पित किए। इस मौके पर उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों को पवित्र पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। इसके बाद हिंदू समुदाय के लोग कच्चा टैंक में ताजियों के जुलूस में शामिल हुए।
जगन्नाथ मंदिर में तहसीलदार के अलावा कैप्टन सलीम, अधिवक्ता शकील अहमद शेख, पांवटा तहसील के प्रधान सलामुदीन, फिरोज खान, गुल मनावर अहमद, जाकिर अली, अरशद, सन्नी, जावेद, मोहम्मद अरिफ, नौशाद, इंतजार अली, जुनैद अख्तर, नासिर अहमद, इरशाद अली, मोहिन अख्तर, अमरोज हुसैन, बाबी खान, मोनी, फिरोज, सोनू, यामीन, यासीन, गुलशन, समद, मुबारिक अली सहित प्रकाश बंसल, पंडित सुरेंद्र शर्मा, कीर्ति शर्मा के अलावा कई हिंदू व मुस्लिम लोग उपस्थित रहे।