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हाईकोर्ट की सरकार को फटकार, 9 तक जानकारी दें नहीं तो खुद हों हाजिर

Sat, 06 Jan 2018 01:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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प्रदेश हाईकोर्ट ने अक्षम बच्चों को मुफ्त शिक्षा एवं अन्य सुविधाएं न देने के मामले में राज्य सरकार को फटकार लगाई है। आदेश दिए हैं कि यदि मुख्य सचिव इस बारे में 9 जनवरी तक उचित जानकारी कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराते हैं तो उन्हें मामले के पूरे रिकॉर्ड के साथ उस दिन अदालत में पेश होना पड़ेगा।

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प्रदेश विश्वविद्यालय में अक्षम विद्यार्थियों को 5 प्रतिशत आरक्षण न देने के मामले पर इंदु कुमारी नामक दृष्टिहीन छात्रा के पत्र पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल एवं न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सरकार से कहा था कि वह मुख्य सचिव के माध्यम से शपथपत्र पर बताएं कि 4 जून, 2015 को एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले को लागू करने को सरकार ने क्या कदम उठाए? 

मामले में न्याय मित्र वरिष्ठ वकील दिलीप शर्मा ने खंडपीठ को बताया की मुख्य सचिव को यह आदेश 31 अक्तूबर को दिए गए थे, लेकिन उन्होंने अभी तक ठीक ढंग से यह ब्योरा अदालत में पेश नहीं किया है और 6 बार इस मामले की सुनवाई स्थगित की जा चुकी है।
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उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव द्वारा वर्ष 2011 में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र को जनहित याचिका मानकर कार्यवाही शुरू हुई थी। इस पर 4 जून, 2015 को न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने कहा था कि अक्षम बच्चों को विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा का अधिकार है।

अदालत ने सरकार को एवं विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए थे कि वह अक्षम बच्चों को विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा देने के प्रावधान करें। विश्वविद्यालयों ने इस आदेश का पालन 2015 में ही कर दिया, लेकिन सरकार ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए थे कि वे अक्षम बच्चों को विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा देने की प्रावधान करे।

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संदीप शर्मा, सीबी बारोवालिया स्थायी न्यायाधीश नियुक्त

राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेशानुसार हिमाचल हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश संदीप शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया को हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। 6 मार्च को हिमाचल हाईकोर्ट कॉलिजियम ने दोनों न्यायाधीशों को स्थायी जज नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इसे राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार किया था।

4 दिसंबर को हुई सुप्रीमकोर्ट कॉलिजियम की बैठक में इन्हें हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी। न्यायाधीश संदीप शर्मा को वर्ष 2015 में हाईकोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया गया था। वे ऊना जिले से संबंध रखते हैं। 10 वर्षों तक असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल के पद पर कार्यरत रहे।

सीबीआई, यूजीसी, बीएसएनएल, सेंट्रल एक्साइज और ईपीएफ  के स्टैंडिंग काउंसल भी रहे। न्यायाधीश सीबी बारोवालिया अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त होने से पहले हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार के पद पर तैनात रहे। लंबे समय तक हाईकोर्ट, प्रशासनिक ट्रिब्यूनल और शिमला के अधीनस्थ न्यायालयों में वकालत करने के बाद इन्हें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।

इसके बाद इन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशाला और सोलन के पद पर कार्य किया। दोनों न्यायाधीशों ने पिछले साल 12 अप्रैल को हिमाचल हाईकोर्ट में बतौर अतिरिक्त न्यायाधीश के पद की शपथ ली थी। दोनों न्यायाधीश 8 जनवरी को हाईकोर्ट के बतौर स्थायी जज शपथ लेंगे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल इन्हें शपथ दिलाएंगे।
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