फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयराम सरकार के लिए दुल्हन की तरह सज रहा है तपोवन

Sat, 06 Jan 2018 01:15 PM IST
अमर उजाला, सुनील चड्ढा, धर्मशाला
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2003 में बना विधानसभा परिसर तपोवन जयराम सरकार के लिए दुल्हन की तरह सज रहा है। नौ जनवरी को विधायकों की शपथ और स्पीकर के चयन के लिए विस परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सदन के भीतर लकड़ी को लगी दीमक हटा दी गई है।

विज्ञापन


इसी दिन राज्यपाल आचार्य देवव्रत अपना अभिभाषण देंगे। नए चेहरे सदन की शोभा बढ़ाएंगे, लेकिन तपोवन के सदन में ऐसा पहली बार होगा कि भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल नहीं दिखेंगे।

धूमल और वीरभद्र सिंह के बीच सियासी नोंकझोंक भी तपोवन में पहली बार नहीं दिखेगी। हारे हुए दिग्गज नेता जीएस बाली, कौल सिंह, गुलाब सिंह, रविंद्र रवि और सतपाल सत्ती भी सदन में नहीं होंगे।
विज्ञापन


जयराम सरकार के लिए डिनर डिप्लोमेसी भी अभी से शुरू हो गई है। बड़े होटलों में डिनर की तिथियां तय कर दी गई हैं।

सफेद हाथी पर खर्च होंगे 5 से 7 करोड़

तपोवन विस परिसर हर वर्ष चार दिन के लिए सजता है। हर वर्ष करीब 5 से 5 करोड़ खर्च होते हैं। पूरा साल परिसर की साजो-सज्जा के लिए 10 कर्मचारी सफेद हाथी तपोवन परिसर को चमकाते हैं।

तपोवन से कपूर नई सियासी जुगत में
तपोवन विस परिसर में शीत सत्र की तिथि घोषित होने के बाद धर्मशाला से मंत्री किशन कपूर ने सत्र की तैयारियों की कमान खुद संभाल ली थी। उन्होंने तैयारियों को लेकर लगातार अफसरों से बैठकें कर तपोवन परिसर को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सियासी पंडित मान रहे हैं कि कपूर शांता कुमार के बाद कांगड़ा में खुद का सियासी कद सबसे बड़ा दिखाने की जुगत में हैं। इसलिए धर्मशाला में डिनर डिप्लोमेसी की तैयारियां भी एक जनवरी को कर ली गई थीं।
विज्ञापन

कमरा नंबर 401 में बैठेंगे मुख्यमंत्री जयराम

सूबे की दूसरी राजधानी धर्मशाला का सचिवालय जयराम सरकार के स्वागत के लिए सजने लगा है। सचिवालय की तीसरी मंजिल सहित पूरे भवन को सजाने में प्रशासन जुट गया है। तीसरी मंजिल के कमरा नंबर-401 में सूबे के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बैठेंगे।

इसके अलावा इसी मंजिल में कमरा नंबर-402 से 412 तक प्रोटोकॉल के अनुसार अन्य मंत्रियों का कमरे आवंटित किए जाएंगे। अभी तक दूसरे मंत्रियों के कमरों के बाहर नेम प्लेट नहीं लगाई गई है। सिर्फ सीएम के कमरे के बाहर नेम प्लेट लगी है। शिमला के बाद धर्मशाला में सचिवालय बनाया गया है।

इसमें मुख्यमंत्री के साथ अन्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के लिए कमरे बनाए गए हैं। सरकार के शीतकालीन प्रवास के दौरान सीएम और मंत्री इन्हीं कमरों में बैठकर लोगों के कामों का निपटारा करते हैं और जनसमस्याएं सुनने हैं।

सीएम के कमरे के अलावा अन्य कमरों में अभी रंग-रोगन का काम चला हुआ है। इसके अलावा पूरे भवन को चकाचक किया जा रहा है। साथ ही शहर की सड़कों और परिधि गृह की ओर जाने वाले मार्ग को भी सुधारा जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें