चीन का लहसुन मार्केट में पहले आ जाता है। ऐसे में दाम गिर जाते हैं और उत्पादकों को नुकसान झेलना पड़ता है। इस बार चीन के लहसुन की खेप देश की मंडियों में नहीं आ रही है। मांग के अनुरूप लहसुन कम होने की वजह से दामों में भारी उछाल आया है।
आंध्रप्रदेश की वडकापट्टी मंडी के आढ़ती वासुदेवन ने बताया कि इन दिनों अच्छी गुणवत्ता का लहसुन 140 रुपये में बिक रहा है। इस बार लहसुन की कम पैदावार हुई है। मध्य प्रदेश में भी नाममात्र फसल है।
सिरमौर में लहसुन की खेती
- फोटो : अमर उजाला
नाकोडा एग्रो एक्सपोर्ट मध्यप्रदेश के रवि जैन ने बताया कि हिमाचल के किसान कीटनाशक व रसायनिक खादों का कम प्रयोग करते हैं, इसलिए इसकी गुणवत्ता अन्य राज्यों से अधिक है। बंपर पैदावार होने पर हिमाचल में 57 हजार मीट्रिक टन से अधिक लहसुन होता है।
सिरमौर में 1960 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की खेती होती है। दूसरे स्थान पर कुल्लू जिला में 1200 हेक्टेयर में लहसुन होता है। सोलन में 156, मंडी में 458, शिमला में 48, किन्नौर में 12 और कांगड़ा में करीब 395 हेक्टेयर भूमि में लहसुन बीजा जाता है।