लघु शिवरात्रि मेला जोगिंद्रनगर में अपनी प्रस्तुति देने पहुंचीं बॉलीवुड गायिका संचिता भट्टाचार्य हिमाचली संस्कृति की मुरीद हैं। संचिता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में उनका बार-बार आने का मन करता है, क्योंकि यहां के लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
संचिता ने कहा ‘देवताओं की भूमि हिमाचल प्रदेश अब मेरी कर्मभूमि भी बन चुकी है। प्रदेश में बस रहे देवी-देवताओं की अपार कृपा से मुझे हिमाचल प्रदेश के बड़े उत्सवों में शिरकत करने का लगातार अवसर मिल रहा है।’
मायानगरी मुंबई से यहां पर पहुंची स्टार गायिका ने बताया कि वर्ष 2018 में कुल्लू अंतरराष्ट्रीय मेला महोत्सव में वे पहली बार हिमाचल आईं थीं। उस दौरान वे काफी नर्वस थीं, लेकिन हिमाचली परंपरा और संस्कृति ने उन्हें घर में होने का अहसास दिया।
अब वे हिमाचल की मुरीद हो गई हैं। अब जब भी उन्हें हिमाचल भ्रमण का अवसर प्राप्त होता है तो वह हिमाचली परिधान और यहां के स्वादिष्ट व्यजंनों का लुत्फ उठाने का अवसर नहीं छोड़तीं। संचिता को वर्ष 2006 में एक टीवी चैनल में शुरू हुए लिटल चैंप से अपनी आवाज का हुनर दिखाने का अवसर मिला था।
मौजूदा समय में वे प्ले बैक सिंगर बन चुकी हैं और देश और विदेशों में सैकड़ों शो कर चुकी हैं। बीते 13 वर्षों में बतौर प्ले बैक सिंगर रजत कपूर के मिथ्या फिल्म, बाल गणेशा, यमला पगला दिवाना और निर्देशक सुभाष घई की कांची फिल्म में भी प्ले बैक सिंगिंग कर चुकी हैं।