क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) परियोजना की ओर से जारी प्रगति रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश अव्वल रहा है। हिमाचल ने पहाड़ी राज्यों में 99.85 फीसदी अंक के साथ प्रथम रैंक हासिल किया है। यह रैंकिंग पुलिस सिस्टम को ऑनलाइन करने और उसके सही कार्यन्वयन को लेकर जारी की जाती है। उत्तराखंड 96.19 अंक लेकर दूसरे, मिजोरम 86.14 अंक लेकर तीसरे, अरुणाचल प्रदेश 85.57 अंक चौथे और मेघालय 81.49 फीसदी अंक लेकर पांचवें स्थान पर रहा है।
इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) के कार्यान्वयन में राष्ट्रीय और पहाड़ी राज्य की श्रेणी में भी हिमाचल ने 100-100 अंक के साथ पहला और अखिल भारतीय रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल किया है। वर्ष 2023 की वार्षिक रिपोर्ट अभी अलग से जारी होनी है। हिमाचल के सभी थाने ऑनलाइन हैं। इस सिस्टम के तहत पीड़ित ई-मेल आईडी पर शिकायत भेजता है। पुलिस की ओर से इसे संबंधित थाने को भेजा जाता है। जांच के बाद थाने में मुकदमा दर्ज किया जाता है। एफआईआर का नंबर संबंधित व्यक्ति के ईमेल आईडी पर भी भेजा जाता है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस लगातार 3 वर्षों 2020, 2021 और 2022 में पहाड़ी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में प्रथम स्थान हासिल कर चुकी। इसके लिए गृह मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से हिमाचल पुलिस को सम्मानित भी किया गया है और अब विभाग राष्ट्रीय स्तर पर सीसीटीएनएस कार्यान्वयन में प्रथम रैंक हासिल करने की दिशा में भी प्रयासरत है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस को पिछले 3 वर्ष में लगातार पहाड़ी और उत्तर पूर्वी राज्यों में प्रथम स्थान हासिल कर रही है। एनसीआरबी की ओर से जारी नवीनतम सीसीटीएसएस प्रगति रैंकिंग बीते माह के लिए जारी हुई हैं,उसमें भी हिमाचल का बेहतर प्रर्दशन रहा है और सभी के संयुक्त प्रयासों से संभव हो पाया है।