प्रदेश के सौ वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में नए सत्र से टूरिज्म और कृषि दो नए वोकेशनल विषय पढ़ाए जाएंगे।
50 स्कूलों में टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी और 50 अन्य स्कूलों में एग्रीकल्चर एंड हार्टिकल्चर विषय पढ़ाए जाएंगे। हर विषय में 25-25 स्टूडेंट्स मेरिट के आधार पर लिए जाएंगे।
9वीं से शुरू होने वाले इन विषयों की पढ़ाई 12वीं तक चलेगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नेशनल वोकेशनल क्वालिटेटिव एजूकेशन फ्रेमवर्क (एनवीक्यूईएफ) योजना के तहत शिक्षा विभाग उक्त दो नए विषयों की पढ़ाई करवाने का फैसला किया है।
कोर्स शुरू करने वाला हिमाचल पहला राज्य
इन नए 100 स्कूलों में आईटी को छोड़ पहले से चल रहे वोकेशनल विषय भी पढ़ाए जाएंगे। इनमें 40 स्कूलों में ऑटो मोबाइल, 30 में हेल्थ केयर, 20 में सिक्योरिटी और 10 स्कूलों में रिटेल विषयों को पढ़ाने की अनुमति दी गई है।
बीते वर्ष उच्च शिक्षा विभाग ने एनवीक्यूईएफ के तहत वोकेशनल विषय पढ़ाने शुरू किए थे। हिमाचल देश का पहला राज्य है, जहां वोकेशनल विषयों को सामान्य विषय की तरह पढ़ाया जा रहा है।
हालांकि, वोकेशनल कोर्स शुरू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है, लेकिन हरियाणा में इन विषयों को एडिशनल सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाता है। शिक्षा विभाग ने इन विषयों की पढ़ाई आउटसोर्स करने का निर्णय किया है।
200 स्कूलों में पांच वोकेशनल कोर्स
नेशनल वोकेशनल क्वालिटेटिव एजूकेशन फ्रेमवर्क योजना के वर्तमान में 200 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में पांच वोकेशनल विषय पढ़ाए जा रहे हैं।
इनमें 49 स्कूलों में ऑटोमोबाइल, 50 स्कूलों में हेल्थ केयर, 26 में सिक्योरिटी, 25 में रिटेल और 50 स्कूलों में आईटी विषय पढ़ाए जा रहे हैं। उक्त सभी विषय 9वीं कक्षा से शुरू करवाए गए हैं, जो 12वीं तक पढ़ाए जाएंगे।
रूसा के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. अमरदेव का कहना है कि प्रदेश वोकेशनल कोर्सिस को सामान्य विषय के तौर पर शुरू करने वाला पहला राज्य है। वोकेशनल कोर्स शुरू करने का मकसद छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक योग्यता के साथ साथ विभिन्न विधाओं में दक्ष करना भी है, ताकि भविष्य में स्टूडेंट्स इनके आधार पर अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें।