पठानकोट-भरमौर हाईवे पर बत्ती दी हट्टी के समीप हाईवे बंद होने से सुबह यात्रियों को दिक्कतें पेश आईं। हाईवे करीब सुबह सात बजे बंद हुआ और 11 बजे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हुआ। अंधड़ के चलते जिला चंबा में करीब 450 विद्युत ट्रांसफार्मर बंद हैं। जलोड़ी दर्रा में पेड़ गिरने से हाईवे-305 घंटों तक अवरुद्ध रहा। मंडी जिले में अंधड़ से कई स्कूलों और मकानों की छतें उड़ गईं। पेड़ और बिजली के पोल गिरने से विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। कई सड़कें भूस्खलन और पेड़ गिरने से बंद रहीं। सोमवार शाम 5 बजे जिले में पांच सड़कें ठप रहीं। 1108 विद्युत ट्रांसफार्मर प्रभावित रहे। इससे कई इलाकों में बिजली गुल रही। चौहारघाटी की बरोट, लपास और वरधान पंचायतों में सबसे अधिक नुकसान हुआ, यहां कई मकानों की छतें उखड़ गईं और लोग बच्चों सहित घर छोड़कर बाहर रात बिताने को मजबूर हो गए। बिजली गिरने से आठ भेड़-बकरियों की मौत हो गई।
बैजनाथ-पपरोला से जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर जगह-जगह पेड़ और चट्टानें गिरने से रेल सेवा प्रभावित रही। वहीं, अंधड़ से जिले में आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा और करीब 150 मीट्रिक टन आम झड़ गया। जगह-जगह पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। ऊना में तेज हवाओं के कारण बिजली बोर्ड के 100 से अधिक खंभे टूट गए, जबकि 500 के करीब ट्रांसफार्मर ठप हो गए। इसके चलते हमीरपुर, सुजानपुर, भोरंज, बड़सर सहित कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। सोमवार तड़के शिमला में 5, सुंदरनगर में 13, भुंतर में 25, पालमपुर में 25, मनाली में 16, कांगड़ा में 32, मंडी में 22, ताबो में 24, ऊना-सोलन में 4, धर्मशाला में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।