हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता (जेई) के खिलाफ लापरवाही के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार रानीताल के फरना निवासी मोहन लाल बिंद्राबन के फाटा में ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर रहे थे। सहायक लाइनमैन विरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि कार्य शुरू करने से पहले नगरी सब स्टेशन और मारंडा से बाकायदा परमिशन लेकर लाइन को शटडाउन किया गया था। टीम ने टूटे तारों को ठीक कर लिया था और मोहन लाल जंपर जोड़ने के लिए खंभे के ऊपर चढ़े थे। दोपहर करीब 12:10 बजे लाइन में करंट आ गया। इसकी चपेट में आने से मोहन लाल की मौके पर ही मौत हो गई।
सवाल यह उठ रहा है कि जब दो मुख्य केंद्रों से स्विच कटा हुआ था, तो लाइनों में करंट कहां से आया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही है। आक्रोशित ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर नहीं बुलाया जाता, तब तक शव को ट्रांसफार्मर से उतारने नहीं दिया जाएगा। हंगामे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर शांत करवाया, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने विद्युत बोर्ड के संबंधित जेई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हादसे के कारणों और लापरवाही के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। -बीर बहादुर, एएसपी कांगड़ा
विद्युत बोर्ड ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी पता लगाएगी कि शटडाउन के बावजूद करंट कैसे आया। -अमित पटियाल, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड पालमपुर