शनिवार को रात दस बजे के बाद हुई ओलावृष्टि से बिछी ओलों की चादर
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मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच शनिवार को हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश-ओलावृष्टि हुई है। शिमला, कुल्लू और कांगड़ा समेत कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले गिरे, जबकि किन्नौर, लाहौल-स्पीति, भरमौर-पांगी में बर्फबारी हुई है। अप्रैल में लाहौल-स्पीति और पांगी, किन्नौर के कई रिहायशी इलाकों में हिमपात हुआ है।
बर्फबारी के चलते मनाली से आगे धुंधी में वाहनों में घंटों तक हजारों पर्यटक फंसे रहे, जिन्हें देर शाम को रेस्क्यू किया गया। मौसम के बदले मिजाज के चलते ताबो में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है।
7-8 अप्रैल को ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट है। शनिवार को लाहौल-स्पीति के कई क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। जिला मुख्यालय केलांग में 12, कोकसर 18, रोहतांग दर्रा में 30, बारालाचा में 35 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के चलते पुलिस ने नेशनल हाईवे तीन पर मनाली से केलांग के बीच सामान्य वाहनों को सोलंगनाला में ही रोक दिया, जबकि फोर बाई फोर वाहन अटल टनल रोहतांग की ओर भेजे गए।
इसी बीच, मनाली की तरफ धुंधी में बर्फ पर फिसलन के चलते करीब एक हजार वाहनों में लगभग पांच हजार पर्यटक कई घंटे फंसे रहे। इन्हें देर शाम पुलिस ने रेस्क्यू कर मनाली पहुंचाया। अटल टनल के दोनों छोर पर शनिवार सुबह से ही बर्फबारी का दौर रहा। लाहौल में बर्फबारी के बाद जनजीवन प्रभावित हुआ है। उधर, भरमौर-पांगी की चस्क भुटोरी और परमार भुटोरी, सुसार हिल्स और सुराल जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में 10 से सेंटीमीटर से लेकर डेढ़ फीट तक बर्फबारी हुई।
किलाड़ में 2.54 सेंटीमीटर हिमपात दर्ज किया गया। पांगी के 235 गांवों में बिजली की आपूर्ति बाधित होने से अंधेरा पसरा रहा। किन्नौर जिले में आसरंग, नाको और मलिंग जैसे कई पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात, जबकि शिमला जिले के रामपुर, ठियोग, कुमारसैन, कुल्लू जिले के आनी में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है।
कांगड़ा जिले में तेज बारिश के साथ धर्मशाला व आसपास के क्षेत्रों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। धर्मशाला के दाड़नू और शाहपुर में पेड़ों पर बिजली गिरी। मंडी में दिनभर धूप-छांव के बीच हल्की बूंदाबांदी होती रही।
ताबो में न्यूनतम पारा 0.6 डिग्री हुआ रिकॉर्ड, ऊना में 33 पहुंचा तापमान
ताबो में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि ऊना में 33 डिग्री सेल्सियस रहा। शिमला के तापमान में -0.9, सुंदरनगर में -1.8, भुंतर में -2.8, कल्पा में -6.5, धर्मशाला में -2.0, ऊना में -2.4, नाहन में -1.7, सोलन में -5.0, मनाली में -3.8 और कांगड़ा में -3.0 गिरावट रही।
जमीन पर गिरे फूल बगीचों में छाए निराशा के बादल
जिला शिमला की तहसील कुमारसैन की अधिकांश पंचायतों में शनिवार को भारी ओलावृष्टि हुई। सेब के बगीचों में फ्लॉवरिंग का दौर चल रहा है। ऐसे में अचानक हुई तेज ओलावृष्टि ने सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर बगीचों में फूल और नई कोंपलें झड़ गई हैं। सेब के पेड़ों से जमीन पर फूल गिर गए हैं, जिससे बगीचों में निराशा के बादल छा गए हैं। करीब आधे घंटे तक लगातार गिरे ओलों ने बगीचों और खेतों को सफेद चादर से ढक दिया। जंजैली, जार, करेवथी, मलैंडी, कांगल, मोगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि का असर ज्यादा देखने को मिला।