फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal Weather Update: हिमाचल में दो दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, एक सप्ताह में सामान्य से 34 फीसदी अधिक बरसे बादल

Thu, 07 Jul 2022 08:03 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

एक से सात जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 34 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। चंबा, किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति और ऊना जिला में सामान्य से कम बादल बरसे। 
विज्ञापन
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। नौ और दस जुलाई को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान लोगों से नदी और नालों के समीप नहीं जाने की अपील की गई है। एक से सात जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 34 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। चंबा, किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति और ऊना जिला में सामान्य से कम बादल बरसे। अन्य जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। गुरुवार को प्रदेश में बारिश का दौर थमा। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धूप खिलने से प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

विज्ञापन


तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
क्षेत्र        अधिकतम    न्यूनतम
ऊना           36.2         24.8
कांगड़ा        33.7          22.2
चंबा           33.6          22.2
बिलासपुर    33.5           24.0
हमीरपुर       33.1         23.0
धर्मशाला      31.2          21.2
नाहन          30.0          23.8        
कल्पा         27.5           14.1    
केलांग        26.9          12.8
शिमला       24.8          18.0


बरसात ने बढ़ाई बाह्य सराज की 69 पंचायतों की चिंता 
वहीं, बरसात ने जिले के बाह्य सराज के लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। 97 किमी लंबा औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 भूस्खलन की दृष्टि से बहुत ही संवदेनशील है। जलोड़ी दर्रा के साथ लगते माशनूनाला और कोटनाला के अलावा घियोगी से सोझा तक हाईवे भूस्खलन की दृष्टि से बहुत खराब है। इन जगहों पर बरसात के दिनों अमूमन पहाड़ी से भूस्खलन का दौर जारी रहता है। 4 जुलाई को भी हाईवे-305 करीब चार घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा और कुल्लू आ रही निगम की बसों के साथ कई छोटे वाहन घंटों यहां फंसे रहे। इसमें कई पर्यटक वाहन भी थे। सर्दी में करीब तीन माह से भी ज्यादा समय तक जलोड़ी दर्रा अवरुद्ध रहा और लोग वाया शिमला, करसोग, थुनाग होकर आवाजाही करने का मजबूर हुए। अब बरसात का मौसम बाह्य सराज के लोगों के चिंता का सबब बनने लगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें