हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में शुक्रवार को मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। नौ और दस जुलाई को प्रदेश के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान लोगों से नदी और नालों के समीप नहीं जाने की अपील की गई है। एक से सात जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 34 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। चंबा, किन्नौर, लाहौल एवं स्पीति और ऊना जिला में सामान्य से कम बादल बरसे। अन्य जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। गुरुवार को प्रदेश में बारिश का दौर थमा। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। धूप खिलने से प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
बरसात ने बढ़ाई बाह्य सराज की 69 पंचायतों की चिंता
वहीं, बरसात ने जिले के बाह्य सराज के लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। 97 किमी लंबा औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 भूस्खलन की दृष्टि से बहुत ही संवदेनशील है। जलोड़ी दर्रा के साथ लगते माशनूनाला और कोटनाला के अलावा घियोगी से सोझा तक हाईवे भूस्खलन की दृष्टि से बहुत खराब है। इन जगहों पर बरसात के दिनों अमूमन पहाड़ी से भूस्खलन का दौर जारी रहता है। 4 जुलाई को भी हाईवे-305 करीब चार घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा और कुल्लू आ रही निगम की बसों के साथ कई छोटे वाहन घंटों यहां फंसे रहे। इसमें कई पर्यटक वाहन भी थे। सर्दी में करीब तीन माह से भी ज्यादा समय तक जलोड़ी दर्रा अवरुद्ध रहा और लोग वाया शिमला, करसोग, थुनाग होकर आवाजाही करने का मजबूर हुए। अब बरसात का मौसम बाह्य सराज के लोगों के चिंता का सबब बनने लगा है।