हिमाचल प्रदेश में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 6 जुलाई तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। 2, 3, 5 और 7 जुलाई के लिए मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय कई भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य रहा। प्रदेश में शुक्रवार रात को कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। शनिवार को बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। राजधानी शिमला में शनिवार को धुंध के साथ दिन भर बादल छाए रहे।
कहां कितनी बारिश
शुक्रवार रात को नालागढ़ में 65, शिलारू में 59, नारकंडा में 43, अर्की में 40, सोलन में 30, कुफरी में 29, कंडाघाट में 25, शिमला में 24, कोटखाई-करसोग में 22, राजगढ़ में 19, सराहन में 14 और पच्छाद में 11 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। शनिवार को शिमला और ऊना में हल्की बूंदाबांदी हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम मिलाजुला बना रहा। प्रदेश में एक और दो जुलाई को सामान्य से 54 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई। बिलासपुर जिले में सबसे अधिक सामान्य से 223, शिमला में 221, सोलन में 204 और किन्नौर में 149 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई। कांगड़ा में सामान्य से 78, कुल्लू में 64, सिरमौर में 46 और मंडी में एक फीसदी अधिक बादल बरसे। चंबा में सामान्य से तीन, हमीरपुर में 67, लाहौल एवं स्पीति में 87 और ऊना में 52 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई।
तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
क्षेत्र अधिकतम न्यूनतम
ऊना 35.6 24.8
हमीरपुर 33.7 22.7
बिलासपुर 33.0 24.0
कांगड़ा 32.3 23.4
चंबा 31.7 23.0
सोलन 30.0 21.0
नाहन 29.2 20.2
धर्मशाला 28.5 20.2
केलांग 27.4 12.6
कल्पा 26.5 13.5
शिमला 24.4 17.4
सड़क पर मलबे में पांच घंटे फंसी बस
उधर, जिला कुल्लू में मानसून ने दस्तक दे दी है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश के बीच भी सफर करना मुश्किल हो गया है। जिलाभर में शनिवार तड़के बारिश हुई, जिससे सड़क पर बारिश के कारण मलबा, पत्थर आने से राणाबाग-काड़ीबाग-बलेहड़ सड़क पर पांच घंटे तक बस फंसी रही। कैंशल शिल्ह जगह पर बारिश से मलबा आने से करशाला बस सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक फंसी रही। हल्की बारिश ने लोक निर्माण विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी है। मलबे को हटाने में पांच घंटे लगे। बस में कई सरकारी कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद थे, जो फंसे रहे। राणाबाग-काड़ीबाग-बलेहड़ सड़क पर पहाड़ी से पत्थर गिरने और निगम के बस चालक को भारी परेशानी से गुजरना पड़ा।
एक दशक पुरानी सड़क अभी भी पक्की नहीं हो पाई है। सड़क पर निकासी न होने से बारिश का पूरा पानी सड़क पर बहता रहा। बस में बैठे स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को बस से उतर सड़क पर पत्थरों को हटाना पड़ा। खेम राज, टेक सिंह, पूर्ण चंद, बेली राम, कुमार सिंह तथा निका राम ने कहा कि शनिवार सुबह हुई बारिश से राणाबाग-काड़ीबाग-बलेहड़ सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे पड़ गए हैं। क्षेत्र के सैकड़ों बागवानों को भी सड़क ही हालत को देखकर चिंता सताने लगी है। उन्होंने कहा कि सड़क की जल्द टारिंग की जाए और गड्ढों को जल्द भरा जाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता ज्ञान भारती ने कहा कि बस टारिंग की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है।