फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चिंता
आईएमडी ने विशेष रूप से चेतावनी जारी की है कि भारी बारिश के कारण प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, कीचड़ खिसकने, अचानक बाढ़ आने, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि होने तथा निचले इलाकों में जलभराव जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त, फिसलन भरी सड़कों और दृश्यता कम होने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
आमजन के लिए महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विभाग ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नदी-नालों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। अनावश्यक यात्राओं से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी किए जा रहे नवीनतम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही, प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया गया है।
जिलेवार बारिश का हाल (1 जून से 26 जुलाई)
| जिला |
सामान्य से अंतर |
| शिमला |
+28% |
| किन्नौर |
+26% |
| कुल्लू |
+19% |
| चंबा |
+11% |
| ऊना |
+10% |
| सोलन |
+2% |
| बिलासपुर |
-4% |
| सिरमौर |
-3% |
| कांगड़ा |
-20% |
| मंडी |
-25% |
| हमीरपुर |
-39% |
| लाहौल-स्पीति |
-45% |
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगामी दौर में यदि भारी बारिश होती है तो वर्षा के इस अंतर में बदलाव आ सकता है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई है।