मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बारिश व ओलावृष्टि हुई है। चंबा जिले में बदले मौसम के मिजाज ने लोगों की दुश्वारियों को बढ़ा दिया है। सोमवार शाम 6:00 बजे भारी बारिश के बाद भरमौर-पठानकोट हाईवे पर गैहरा में 22 मीटर डंगा धंस गया। वहीं कुरांह के पास टनों के हिसाब से मलबा और कीचड़ आ जाने से हाईवे बाधित हो गया। इससे देखते ही देखते चंबा और भरमौर की ओर से वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। विकास खंड चंबा के तहत चंबी पंचायत में दोपहर बाद भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई इससे बागवानों व अन्य लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
ओलों ने तोड़े बागवानों के अरमान
उधर, कुल्लू जिले के बंजार की तीर्थन घाटी में ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान का आकलन सरकार बागवानों को उचित मुआवजा प्रदान करे। घाटी के बागवानों ने कहा कि उनकी आर्थिकी सेब पर निर्भर है, लेकिन ओलों ने फसल को तहस-नहस कर दिया है। लिहाजा, सरकार उचित मुआवजा प्रदान कर उनको राहत पहुंचाए। उपप्रधान शिल्ही पंचायत मोहर सिंह समेत दूनी चंद, कमली राम, मुरारी लाल, रेवत राम, महिंद्र सिंह और मेहर चंद ने कहा कि आधे घंटे तक शिल्ही पंचायत के साथ तुंग और मशियार में ओलावृष्टि का कहर रहा है। सेब की फसल के साथ नाशपाती, मटर, जौ और गेहूं को भी भारी नुकसान ओलों से पहुंचा है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने बताया कि ओलों से कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन किया जा रह है। फील्ड से आंकड़े एकत्र होने के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र के तहत पोड़न, पंदराड़ा, भूटाड़ सहित अन्य क्षेत्रों में भी भारी ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान हुआ है।
कुल्लू में दोपहर बाद चला अंधड़
कुल्लू में दोपहर बाद अंधड़ चला। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंधड़ से फलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं शाम 4:00 बजे के बाद कुल्लू में बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश होने से मौसम एक बार फिर ठंडा हो गया है। वहीं, पीज साइट से उड़ान भरने के बाद एक पैराग्लाइडर तूफान के चलते रास्ता भटक गया। पायलट ने ढालपुर में लेंडिंग करनी थी लेकिन तेज हवा के चलते पैराग्लाइडर ढालपुर में लेंडिंग नहीं कर पाया बल्कि गांधीनगर में एक बगीचे में जाकर उसने आपात लेडिंग की। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी तरह का हादसा नहीं हुआ।
अंधड़ का भी अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में चार दिनों तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में 5 से 9 जून तक बारिश हो सकती है। 6 जून को कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सभी मैदानी भागों में 8 व 9 जून को मौसम साफ रहने की संभावना है
न्यूनतम तापमान
शिमला का न्यूनतम तापमान 15.6, सुंदरनगर 16.1, भुंतर 13.0, कल्पा 7.0, धर्मशाला 18.2, ऊना 19.8, नाहन 18.1, केलांग 4.1, पालमपुर 15.5, सोलन 13.0, कांगड़ा 18.3, मंडी 16.3, बिलासपुर 19.0, हमीरपुर 19.1, चंबा 16.8, डलहौजी 13.5, जुब्बड़हट्टी 16.6, कुफरी 12.8, नारकंडा 4.7, नारकंडा 9.6, भरमौर 12.0, रिकांगपिओ 10.6, सेऊबाग 12.0, धौलाकुआं 18.9, मशोबरा 15.2, पांवटा साहिब 19.0, सराहन 11.5 और देहरागोपीपुर में 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान
धौलाकुआं में अधिकतम तापमान 36.7, डलहौजी 22.3, चंबा 34.0, कुकुमसेरी 19.4, केलांग 15.1, धर्मशाला 30.0, सेऊबाग 27.0, भुंतर 31.0, हमीरपुर 34.5, सुंदरनगर 33.0, बरठीं 35.5, बिलासपुर 36.0, कल्पा 21.0, रिकांगपिओ 26.0, शिमला 25.2 और कुफरी में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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