हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही रुक नहीं रही। गुरुवार को कुल्लू जिले के आनी में सुबह 9:30 बजे ताश के पत्तों की तरह एक-एक करके आठ बहुमंजिला भवन जमींदोज हो गए और चार भवन क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, मंडी जिले के सन्यारड़ी, सराज, पधर, सरकाघाट में छह घर गिर गए। शिमला के शिव बावड़ी मंदिर में 11 दिन पहले हुए भूस्खलन के चलते दबे तीन और शव निकाले गए। हमीरपुर की कुनाह खड्ड में एक महिला बह गई, जिसका शव बरामद कर लिया गया, जबकि कांगड़ा के सहौड़ा पंचायत के रहने वाले जलशक्ति विभाग में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता राजेश कुमार ड्यूटी के दौरान बनेर खड्ड में बह गए।
जिला कुल्लू के आनी में नए बस अड्डे के साथ एनएच 305 के मुख्य बाजार में जमींदोज हुए भवनों को एक सप्ताह पहले ही असुरक्षित घोषित कर खाली करवा लिया था। ऐसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। यह सारा क्षेत्र प्रशासन द्वारा संवेदनशील घोषित किया गया है, जिसमें करीब 23 और लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि एसडीएम नरेश वर्मा ने समय रहते सभी मकान खाली करवा दिए थे, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। जो भवन जमींदोज हुए हैं, उनमें कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की शाखा समेत 25 दुकानें और बड़े शोरूम थे। गुरुवार को येलो अलर्ट के बीच राजधानी शिमला समेत अधिकतर जिलों में मौसम साफ रहने से बचाव एवं राहत कार्य जारी रहे।
समरहिल में तीन और शव मलबे में मिले
उधर, राजधानी शिमला के समरहिल क्षेत्र में शिव बावड़ी मंदिर में हुई त्रासदी के 11वें दिन गुरुवार को तीन और शव मलबे में मिले हैं। एसपी संजीव गांधी ने बताया कि इस हादसे में मृतकों की संख्या 20 पहुंच गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने सभी शव निकाल दिए हैं। अब सर्च अभियान बंद हो सकता है। कांगड़ा उपमंडल के अंतर्गत हार जलाड़ी-दौलतपुर पेयजल योजना को बहाल करने में जुटे कनिष्ठ अभियंता राजेश कुमार पांव फिसल कर बनेर खड्ड के तेज वहाब में बह गए। उनका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है, जबकि पंप हाउस में काम कर रहे ठेकेदार के दो कर्मियों और एक पंप ऑपरेटर को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। मंडी की जैंशला पंचायत में बीते दिन मलबे में दबे एक महिला और उसके भतीजे को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।
731 सड़कें बंद
प्रदेश में दो नेशनल हाईवे ठियोग-हाटकोटी, कुल्लू-आनी समेत 731 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 619 पेयजल योजनाएं ठप हैं। प्रदेश भर में 295 गोशालाएं ढह गईं। बिजली के ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाकों के लोग परेशान हैं। सराज घाटी का जिला कुल्लू से संपर्क कटा हुआ है। कुल्लू-पंडोह और बजौरा-कमांद सड़क बाधित है। शिमला जिले के चौपाल में तीन घर गिर गए। राजधानी शिमला में भी टॉलैंड से हिमलैंड तक सड़क बड़े वाहनों के लिए बंद हैं। शिमला जिले में दर्जनों संपर्क मार्ग और पैदल रास्ते बंद पड़े हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और कोटशेरा कॉलेज के मार्ग अभी बाधित हैं।