जिला कुल्लू और लाहौल-स्पीति के लोगों को अभी और दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा। लाहौल-स्पीति में अभी आम जनजीवन पूरी तरह से ठहरा हुआ है। घाटी में 100 से अधिक संपर्क मार्ग बंद है। जबकि कुल्लू में औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 के साथ पांच से छह मार्गों पर अभी भी बसें नहीं दौड़ रही हैं। इस बीच अब मौसम विज्ञान केंद्र ने जिला कुल्लू और लाहौल घाटी में नौ से 11 फरवरी तक बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, ऊंचे इलाकों में हिमखंड और हिमस्खलन को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
बेशक कृषि व बागवानी के लिए राहत की बात है, मगर लोगों की आवाजाही में इसका असर देखने को मिलेगा। हालांकि बुधवार को मौसम खुला था और दिन पर धूप भी खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन कुल्लू व लाहौल-स्पीति ने सैलानियों व आम लोगों को सतर्क रहने को कहा है। खासकर ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों की ओर आवाजाही न करने को लेकर एडवाइजरी जारी की है। ऐसे में नागरिकों और पर्यटकों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा न करने की सलाह दी है।
1077 नंबर पर आपातकाल में किसी भी मदद के लिए करें डायल
सहायक आयुक्त कुल्लू शशिपाल नेगी ने कहा कि बर्फबारी होने पर पर्यटकों के साथ आम लोग सतर्क रहें। इस दौरान किसी भी तरह की आपदा को लेकर 1077 नंबर पर फोन कर मदद मांगी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भी मौसम पर नजर रखे हुए हैं।
सोझा से जलोड़ी दर्रा पहुंचीं चेन वाली गाड़ियां
लंबे अरसे के बाद बंजार के सोझा की तरफ से फोर बाई फोर वाहन 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा पहुंच गए हैं। यहां स्नो कट्टर और डोजर से बर्फ हटा दी है और बुधवार दोपहर बाद चेन लगे फोर बाई फोर वाहन दर्रा में पहुंचे। जिसे सैकड़ों लोगों को बर्फ में पैदल चलने से राहत मिली है।
वाहन चालक निहाल, प्रेम सिंह, नोक सिंह और राजू ने कहा कि लगातार बर्फबारी होने से दोनों तरफ की सवारियों को तीन किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा था। बुधवार को फोर बाई फोर वाहनों के लिए खुले जलोड़ी दर्रा से बाह्य सराज की 69 पंचायतों के हजारों लोगों को सुविधा मिलेगी। अभियंता केएल सुमन ने इसकी पुष्टि की है।
कामगार का चौथे दिन भी नहीं लगा पता
दारचा-शिंकुला दर्रा में हिमखंड से दबे कामगार का चौथे दिन भी सुराग नहीं मिला है। बुधवार सुबह से आईटीबीपी, बीआरओ और पुलिस की टीम तलाशी अभियान शुरू किया था। हालांकि दोपहर बाद बर्फबारी होने से अभियान को रोक दिया और टीम वापस केलांग लौट आई। सीमा सड़क संगठन के योजक परियोजना के तीन कामगार पांच फरवरी की शाम को मशीनरी के साथ सड़क से बर्फ हटा रहे थे।
इस दौरान अचानक पहाड़ी से हिमखंड आने से दब गए और तलाशी अभियान में दो के शव बरामद हो गए थे, जबकि पासंग छेरिंग लामा (27 वर्ष) पुत्र लुंडुप लामा गांव चोरा पतरासी, जुमला निवासी नेपाल लापता चल रहा है। उपायुक्त सुमित खिमटा ने बताया कि मौसम साफ होने पर आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, हादसे में मृतक राम बुद्धा का शव परिजनों के हवाले कर दिया है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को फौरी राहत के रूप में 25,000 की राशि दी है।