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Himachal Weather: जून से अगस्त तक सामान्य से 41 फीसदी अधिक बारिश दर्ज, 48 घंटों में ढहे 109 मकान

Thu, 24 Aug 2023 09:46 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

राज्य में इस मानसून सीजन में 24 जून से 24 अगस्त तक 367 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें से 125 की सड़क हादसों में मौत हुई। 
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मंडी के सन्याडी में गिरा भवन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बीते 48 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश से हिमाचल प्रदेश में 109 मकान ढह गए जबकि 211 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। आपदा प्रबंधन की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है। इसके साथ ही प्रदेश में 731 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं। 619 पानी की स्कीमों में गाद आने से गुरुवार को क्षेत्रों के लिए पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। उधर, प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के जल्द सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। सड़कें वाहनों की आवाजाही को बहाल करने के लिए 25 हजार कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में डटे हैं।

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इसके साथ ही 700 से ज्यादा जेसीबी और डोजर सड़कों से मलबे और गिरे पेड़ को हटाने के लिए लगाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सड़कों और पानी की स्कीमों को बहाल करने का कार्य तेजी से चल रहा है। प्रतिदिन अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है। राज्य में इस मानसून सीजन में 24 जून से 24 अगस्त तक 367 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें से 125 की सड़क हादसों में मौत हुई। 343  लोग घायल हुए हैं। इस दौरान 2346 घर ढह गए। 10135 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ। 303  दुकानों व 5048 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ। अब तक राज्य में भूस्खलन की 156 और बाढ़ की 63 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 

जून से अगस्त तक सामान्य से 41 फीसदी अधिक बारिश हुई
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार भले ही 30 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है लेकिन बारिश में कमी आएगी। मौसम में सुधार आएगा और धूप खिली रहेगी। गुरुवार को येलो अलर्ट के बीच मौसम मिलाजुला रहा। कहीं धूप तो कहीं बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मंडी, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की खबर है. मात्रा के हिसाब से बात करें तो जोगिंदर नगर में 154 मिमी, पालमपुर में 136 मिमी और सिरमौर में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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शिमला शहर में पिछले 24 घंटों में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। 25 अगस्त के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। 26 अगस्त से मौसम में बदलाव आएगा। मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 26 से 30 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि जून से अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 41 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इस दौरान 804 मिलीमीटर बारिश दर्ज की है। जबकि सामान्य 571 मिमी है। सिफ लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश हुई है। शिमला जिले में सबसे ज्यादा 103 प्रतिशत बारिश हुई है। बिलासपुर में 86 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। अगस्त में सामान्य से 10 फीसदी अधिक वर्षा हुई और सबसे अधिक मंडी और बिलासपुर में हुई है। 

राजधानी में 40 से ज्यादा मकानों को खतरा

मूसलाधार बारिश से हिमाचल प्रदेश की राजधानी में 40 से ज्यादा मकानों को खतरा हो गया है। भारी बारिश के बीच  इन मकानों को खाली करवा दिया गया। इनमें रह रहे 50 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं। शहर के अनाडेल वार्ड में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पुलिस लाइन कैथू में भूस्खलन होने और नाले का बहाव मुड़ने से निचली ओर बनी अनाडेल की लंबी लाइन रिहायशी काॅलोनी खतरे की जद में आ गई है। यहां करीब 25 मकानों को खाली करवा दिया है।
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सोलंगनाला की ओर आने वाले नाले का जलस्तर बढ़ा

वहीं, बंजार में पहाड़ी दरकने से लोगों ने भागकर जान बचाई। भूस्खलन की चपेट में आने से एक घर और जेसीबी बाल-बाल बच गए। भूस्खलन स्थानीय विधायक सुरेंद्र शौरी के घर के सामने वाली पहाड़ी पर हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया। अंजनी महादेव सोलंगनाला की तरफ से आने वाले नाले का जलस्तर भारी वारिश के कारण बढ़ा हुआ है। सोलंगनाला से मनाली तक पुलिस टीम की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से आम जनता को हिदायत दी गई है कि रात के समय बिना कारण अपने घरों से बाहर न निकले और न ही नदी के करीब जाएं। पुलिस टीम की ओर से लगातार इलाके में गश्त की जा रही है व स्थिति पूरी तरह सामान्य है 
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