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हिमाचल मौसम: कांगड़ा में दो घर ढहे, तीन मलबे में दबे; सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इतने दिन बरसेंगे बादल

Mon, 31 Aug 2026 09:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/परवाणू/धर्मशाला।

सार

 डरोह के बोदा में कच्चे मकान की दीवार गिरने से परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद निकालकर टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। वहीं, पुराना कांगड़ा में एक दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। 
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कालका-शिमला रेललाइन क्षतिग्रस्त, कांगड़ा में मकान गिरा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मूसलाधार बारिश के बीच सोमवार को कांगड़ा में दो मकान ढह गए। डरोह के बोदा में कच्चे मकान की दीवार गिरने से परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद निकालकर टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। वहीं, पुराना कांगड़ा में एक दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। शाहपुर की प्रेई पंचायत में तीन घरों की दीवारें और डंगे ढहने से भी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के चलते कई जगह जलभराव और पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था प्रभावित रही।

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 दूसरे दिन भी ट्रेनों की आवाजाही बंद रही
लगातार बारिश के बीच विश्व धरोहर कालका-शिमला रेललाइन पर सोमवार को दूसरे दिन भी ट्रेनों की आवाजाही बंद रही। अप-डाउन की छह ट्रेनें मंगलवार को भी नहीं चलेंगी, जबकि चार ट्रेनों का संचालन 13 सितंबर तक रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया है। उधर, धुंध के कारण चंबा के भरमौर से मणिमहेश यात्रा के बेस कैंप गौरीकुंड के लिए सोमवार को हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका।  हालांकि, श्रद्धालुओं का पैदल सफर जारी रहा।
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76 सड़कें ठप,  छह सितंबर तक माैसम खराब
प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से अब तक 76 सड़कें और 72 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को सात जिलों बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में छह सितंबर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। परवाणू में सोमवार शाम हुई बारिश के बाद कई नाले फिर उफान पर आ गए। सेब मंडी के पास एनएच-5 पर मलबा आने से सड़क दोबारा बंद हो गई। वहीं, कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच ब्रिज नंबर-57 के पास ट्रैक के किनारे की मिट्टी बहने से रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा हवा में लटक गया था। रेलवे ने प्रभावित हिस्से में पुल बनाने के लिए डंगा लगाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही रेल सेवाएं बहाल की जाएंगी। वहीं, मंडी के जोगिंद्रनगर में ढेलू के समीप प्राचीन हनुमान मंदिर और सनातन धर्मसभा मंदिर में बारिश का पानी घुस गया।
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