तीन दिन से जारी मूसलाधार बारिश सोमवार सुबह हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी तबाही लेकर आई। भूस्खलन और पेड़ ढहने से शहर में 13 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। समरहिल में मलबे में कई लोगों के लापता होने की आशंका है। इनकी तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
राजधानी के समरहिल और फागली में दोनों जगह शिमला-कालका रेल लाइन पर हुए भूस्खलन के कारण निचली ओर बने शिवमंदिर और ढारे मलबे में दब गए। सावन का सोमवार होने के कारण सुबह से ही समरहिल के शिवमंदिर में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। भारी बारिश के चलते सुबह करीब 7:15 बजे धमाके के साथ भारी मलबा पेड़ों समेत मंदिर पर जा गिरा। इससे यह मंदिर पूरी तरह से मलबे में दब गया। जो लोग मंदिर पहुंचे थे, उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला। आसपास के लोगों को जैसे ही इसका पता चला तो सभी मौके की ओर भागे।
प्रशासन को भी सूचना दी गई। प्रशासन, पुलिस, दमकल समेत एसडीआरएफ की टीमें तो मौके पर पहुंच गईं लेकिन सड़कें बंद होने के कारण मशीनरी कई घंटे बाद मौके पर पहुंची। जवानों ने हाथों से ही मलबे को हटाने का काम शुरू किया। एक एक कर आठ शव बरामद हो गए। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। इसके लिए मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत कई मंत्री और विधायक भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लिया।
फागली में ढारे दबे, सगे भाइयों समेत पांच की मौत
शहर के फागली में लाल कोठी के पास भी दिल दहलाने वाली घटना हुई। यहां भी सुबह के समय रेल लाइन के नीचे से भारी मात्रा में मलबा और पेड़ निचली ओर बने ढारों पर जा गिरे। इन ढारों में रह रहे लोग आठ लोग मलबे में दब गए। सुबह 10:00 बजे तक तीन घायल लोगों को मलबे से निकालकर आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां मलबे में पांच लोगों की मौत हो गई है। इनमें दो सगे भाई भी सलाउद्दीन (30) और यासिर खान (28) भी शामिल हैं। इनके अलावा कमला ठाकुर (52 ), सुनीता (36) की भी मौत हो गई। एक अन्य मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। तीन लोग घायल हैं, जिनका आईजीएमसी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया है। शिमला के एसपी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि भूस्खलन में एक मंदिर ढह गया। इससे आसपास की इमारतों को भी खतरा है। कई लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मौके पर लैंड स्लाइड भी हो रहा है। सावन के सोमवार की वजह से सुबह मंदिर में कई लोग पहुंचे थे।