माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 जून को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 1 और 5 जुलाई को राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 2, 3, 6 और 7 जुलाई को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बीते 24 घंटों के दाैरान गोहर में 55, मंडी 45.6, बरठीं 42.6, रायपुर मैदान 41, सुंदरनगर 31.4, कांगड़ा 30.8 व बग्गी में 24.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
माैसम विभाग की ओर से 2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों, जबकि 3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों और 4 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह 1 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों, 2 जुलाई को चंबा, मंडी और सिरमौर, 3 जुलाई को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सोलन और 4 जुलाई को ऊना, हमीरपुर और कुल्लू जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट है। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद, अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक तक गिर सकता है। अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की ऋतु (जून से सितंबर) में होने वाली वर्षा दीर्घावधि औसत (92 फीसदी से नीचे) सामान्य से कम होने की संभावना है। किन्नौर जिले के कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ क्षेत्रों व चंबा जिले के उत्तरी हिस्सों में सामान्य वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के लिए दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के लिए सामान्य वर्षा (1971-2020) (734.4) मिलीमीटर है। दीर्घावधि औसत 92 फीसदी से नीचे रहने पर कम बारिश की श्रेणी माना जाता है। जबकि दीर्घावधि औसत >90-95 तक सामान्य से नीचे, 96-104 तक सामान्य, >105 -110 तक सामान्य से अधिक और 110 से ज्यादा होने पर अत्याधिक बारिश की श्रेणी में आता है।
साल 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 जून को प्रदेश में पहुंचा था और 24 जून तक पूरे राज्य में फैल गया। पिछले 29 वर्षों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे जल्दी 9 जून 2000 और सबसे देर से 5 जुलाई 2010 को पहुंचा था। 2025 में राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश 734.4 एमएम के मुकाबले 1022.5 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 39 फीसदी ज्यादा रही। बीते मानसून में 1022.5 एमएम बारिश हुई, जो पिछले 125 वर्षों में 15वीं सबसे ज्यादा और पिछले 29 वर्षों में सबसे ज्यादा बारिश थी। हालांकि, 1901 से 2025 के बीच सबसे ज्यादा बारिश (1314.6 एमएम) साल 1922 में दर्ज की गई थी।
2010 से 2025 तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश की वास्तविक वर्षा (मिमी में) और औसत।
| वर्ष |
वास्तविक वर्षा (मिमी) |
औसत से विचलन (%) |
| 2010 |
888.5 |
10.6 |
| 2011 |
730.3 |
-9.1 |
| 2012 |
701.8 |
-15.0 |
| 2013 |
776.9 |
-7.9 |
| 2014 |
522.2 |
-31.6 |
| 2015 |
638.2 |
-16.4 |
| 2016 |
623.9 |
-18.3 |
| 2017 |
717.2 |
-6.1 |
| 2018 |
927.0 |
21.4 |
| 2019 |
686.9 |
-10.0 |
| 2020 |
567.4 |
-25.7 |
| 2021 |
688.6 |
-9.8 |
| 2022 |
716.2 |
-2.5 |
| 2023 |
886.0 |
21.0 |
| 2024 |
600.8 |
-18.0 |
| 2025 |
1022.5 |
39.0 |