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Himachal Weather: झमाझम बारिश के साथ हिमाचल पहुंचा मानसून, एक सप्ताह बरसेंगे बादल, कई जिलों के लिए अलर्ट

Tue, 30 Jun 2026 03:33 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

मानसून ने पूरे किन्नौर जिले, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ज्यादातर हिस्सों, शिमला और मंडी के कई हिस्सों और सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। 
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बालूगंज में भारी बारिश से सड़क पर आया मलबा, यातायात ठप। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण-पश्चिम मानसून ने झमाझम बारिश के साथ हिमाचल प्रदेश में दस्तक दे दी है। मानसून के दस्तक देते ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। मंगलवार को कांगड़ा और मंडी में दिनभर बादल जमकर बरसे, जबकि राजधानी शिमला में शाम के समय तेज बारिश हुई। मंगलवार को मानसून ने पूरे किन्नौर जिले, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ज्यादातर हिस्सों, शिमला और मंडी के कई हिस्सों और सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। माैसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों के दौरान हिमाचल के बाकी हिस्सों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। बीते साल मानसून 20 जून को पहुंचा था लेकिन इस बार करीब 10 दिन की देरी से दस्तक दी है।  पूरे राज्य में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 25 जून मानी जाती है। इस बार मानसून में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान है।

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भारी बारिश से सड़क पर आया मलबा, यातायात रहा ठप
शिमला के बालूगंज क्षेत्र में मंगलवार को भारी बारिश के कारण नाले का मलबा सड़क पर आ गया। इसके चलते शिमला से वाया चक्कर होते हुए वाहनों की आवाजाही मंगलवार शाम काफी देर के लिए ठप रही। वाहनों को वाया बालूगंज होते हुए रवाना किया गया। मंगलवार शाम करीब 4:00 बजे अचानक बालूगंज क्षेत्र में तेज बारिश होने से नालों का पानी सड़क पर आ गया। नाले में भरा मलबा भी ओल्ड बैरियर क्रॉसिंग के पास सड़क पर पहुंच गया जिससे यातायात बंद हो गया। हालांकि, शहर के बाकी इलाकों में बारिश नहीं हुई। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। देर शाम तक सड़क को बहाल कर दिया गया है। 

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लगातार 7 जुलाई तक बरसेंगे बादल

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 जून को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 1 और 5 जुलाई को राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 2, 3, 6 और 7 जुलाई को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।  बीते 24 घंटों के दाैरान गोहर में 55, मंडी 45.6, बरठीं  42.6, रायपुर मैदान 41, सुंदरनगर 31.4, कांगड़ा 30.8 व बग्गी में 24.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, तापमान में बदलाव के आसार

माैसम विभाग की ओर से 2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों, जबकि 3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों  और 4 जुलाई  को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  इसी तरह 1 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों, 2 जुलाई को चंबा, मंडी और सिरमौर, 3 जुलाई को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सोलन और 4 जुलाई को ऊना, हमीरपुर और कुल्लू जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट है। वहीं अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद, अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक तक गिर सकता है। अगले 3-4 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

हिमाचल में सामान्य से कम बारिश की संभावना

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की ऋतु (जून से सितंबर) में होने वाली वर्षा दीर्घावधि औसत (92 फीसदी से नीचे) सामान्य से कम होने की संभावना है। किन्नौर जिले के कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ क्षेत्रों व चंबा जिले के उत्तरी हिस्सों में सामान्य वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के लिए दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के लिए सामान्य वर्षा (1971-2020) (734.4) मिलीमीटर है। दीर्घावधि औसत 92 फीसदी से नीचे रहने पर कम बारिश की श्रेणी माना जाता है। जबकि दीर्घावधि औसत >90-95 तक सामान्य से नीचे, 96-104 तक सामान्य, >105 -110 तक सामान्य से अधिक और 110 से ज्यादा होने पर अत्याधिक बारिश की श्रेणी में आता है। 

 2000 में 9 जून को पहुंचा था मानसून

साल 2025 में दक्षिण-पश्चिम मानसून 20 जून को प्रदेश में पहुंचा  था और 24 जून तक पूरे राज्य में फैल गया। पिछले 29 वर्षों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे जल्दी 9 जून 2000 और सबसे देर से 5 जुलाई 2010 को पहुंचा था। 2025 में राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश 734.4 एमएम के मुकाबले 1022.5 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 39 फीसदी ज्यादा रही। बीते मानसून में 1022.5 एमएम बारिश हुई, जो पिछले 125 वर्षों में 15वीं सबसे ज्यादा और पिछले 29 वर्षों में सबसे ज्यादा बारिश थी। हालांकि, 1901 से 2025 के बीच सबसे ज्यादा बारिश (1314.6 एमएम) साल 1922 में दर्ज की गई थी।

मानसून में किस साल कितनी बारिश

2010 से 2025 तक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश की वास्तविक वर्षा (मिमी में) और औसत। 

वर्ष वास्तविक वर्षा (मिमी) औसत से विचलन (%)
2010 888.5 10.6
2011 730.3 -9.1
2012 701.8 -15.0
2013 776.9 -7.9
2014 522.2 -31.6
2015 638.2 -16.4
2016 623.9 -18.3
2017 717.2 -6.1
2018 927.0 21.4
2019 686.9 -10.0
2020 567.4 -25.7
2021 688.6 -9.8
2022 716.2 -2.5
2023 886.0 21.0
2024 600.8 -18.0
2025 1022.5 39.0
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किस साल कब आया और विदा हुआ मानसून

वर्ष आगमन तिथि  विदाई तिथि
1997 27 जून 23 सितंबर
1998 17 जून 28 सितंबर
1999 20 जून 21 सितंबर
2000 09 जून 23 सितंबर
2001 23 जून 18 सितंबर
2002 04 जून 20 सितंबर
2003 27 जून 27 सितंबर
2004 18 जून 27 सितंबर
2005 26 जून 28 सितंबर
2006 30 जून 27 सितंबर
2007 26  जून 02 सितंबर
2008 13 जून 29 सितंबर
2009 30 जून 28 सितंबर
2010 05 जून 28 सितंबर
2011 25  जून 26 सितंबर
2012 27 जून 26 सितंबर
2013 15 जून 19 सितंबर
2014 01  जून 05 सितंबर
2015 24  जून 29 सितंबर
2016 21 जून 05 सितंबर
2017 01 जून 30 सितंबर
2018 27 जून 01 सितंबर
2019 02 जून 11 सितंबर
2020 24 जून 30 सितंबर
2021 13  जून 10 सितंबर
2022 29 जून 03 सितंबर
2023 24 जून 06 सितंबर
2024 27 जून 02 सितंबर
2025 20 जून 26 सितंबर
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